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Elon Musk: ट्विटर के दफ्तर से एक अधिकारी को जबरन निकाला गया था बाहर, एलन मस्क का ट्वीट, ‘अच्छा समय आने दें’

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Elon Musk: ट्विटर के दफ्तर से एक अधिकारी को जबरन निकाला गया था बाहर, एलन मस्क का ट्वीट, ‘अच्छा समय आने दें’

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एलन मस्क

एलन मस्क
– फोटो : सोशल मीडिया

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अरबपति एलन मस्क ने 44 अरब अमेरिकी डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण पूरा करने के कुछ घंटों बाद शुक्रवार को ट्वीट किया, “अच्छा समय आन दें”। मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल सहित अपने शीर्ष अधिकारियों को निकालकर सोशल मीडिया दिग्गज के नए मालिक के रूप में शुरुआत की। मस्क ने शुक्रवार को ट्विटर का अधिग्रहण पूरा करने और अग्रवाल, कानूनी कार्यकारी अधिकारी विजया गाड्डे, मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सीगल और जनरल काउंसिल सीन एडगेट सहित सोशल मीडिया दिग्गज के चार शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद ट्वीट किया था, चिड़िया आजाद हो गई है। “स्पॉयलर अलर्ट। अच्छा समय आने दें,” 51 वर्षीय मस्क ने गुरुवार की रात को ट्विटर के अधिग्रहण के साथ ही शुक्रवार की सुबह ये ट्वीट किया।  

एक अधिकारी को जबरन  बाहर किया गया 
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निकाल दिए गए अधिकारियों में से कम से कम एक को ट्विटर के कार्यालय से जबरन बाहर निकाल दिया गया था। सीएनएन ने टिप्पणी की, सौदे के पूरे होने के साथ ही अनिश्चितता के बादल दूर हो गए जिसने ट्विटर के व्यवसाय, कर्मचारियों और शेयरधारकों पर असर डाला था। अप्रैल में कंपनी को खरीदने के लिए शुरू में सहमत होने के बाद मस्क ने सौदे से बाहर निकलने की कोशिश में महीनों बिताए। पहले उन्होंने प्लेटफॉर्म पर बॉट्स की संख्या और बाद में कंपनी के एक व्हिसलब्लोअर द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में अपनी चिंताओं का हवाला दिया।

38 वर्षीय पराग अग्रवाल को पिछले साल नवंबर में सोशल मीडिया साइट के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के पद छोड़ने के बाद ट्विटर का सीईओ नियुक्त किया गया था। आईआईटी बॉम्बे और स्टैनफोर्ड के पूर्व छात्र अग्रवाल एक दशक पहले ट्विटर से जुड़े थे, जब कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी थे। एनवाईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल ट्विटर का मुख्य कार्यकारी नियुक्त किए गए अग्रवाल हाल के महीनों में सार्वजनिक और निजी तौर पर मस्क के साथ भिड़ गए थे। मस्क ने कंपनी में सामग्री मॉडरेशन निर्णयों में 48 वर्षीय गाड्डे की भूमिका के लिए उनकी भी आलोचना की।

ट्रंप का अकाउंट निलंबित करने में विजया गाड्डे की भूमिका
पिछले साल जनवरी में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, हैदराबाद में जन्मी गाड्डे यूएस कैपिटल में ट्रंप समर्थकों द्वारा विद्रोह की घटना के दौरान ये नाटकीय फैसला लेने में सबसे आगे थीं। ट्विटर के सह-संस्थापक बिज स्टोन ने अग्रवाल, सीगल और गाड्डे को उनके बड़े पैमाने पर योगदान के लिए धन्यवाद दिया। मस्क बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में कंपनी के मुख्यालय पहुंचे और इंजीनियरों और विज्ञापन अधिकारियों के साथ बैठक की। मस्क ने अपने ट्विटर विवरण को चीफ ट्विट के साथ अपडेट किया।

उन्होंने सेवा के सामग्री मॉडरेशन नियमों को ढीला करके, इसके एल्गोरिथम को अधिक पारदर्शी बनाकर और सदस्यता बिजनेस को बढ़ाने करने के साथ-साथ कर्मचारियों की छंटनी करके ट्विटर को बदलने का वादा किया है। अप्रैल में ट्विटर ने सोशल मीडिया सेवा को खरीदने के मस्क के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, जल्द ही समझौते का पालन करने के मस्क के इरादों के बारे में संदेह पैदा होना शुरू हो गया था। मस्क ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी स्पैम और नकली खातों की संख्या का पर्याप्त रूप से खुलासा करने में विफल रही है। इसे लेकर कंपनी ने मस्क को अदालत में खींचने की धमकी दी थी और ये ट्रायल 28 अक्तूबर को ही शुरू होना था। 
 

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अरबपति एलन मस्क ने 44 अरब अमेरिकी डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण पूरा करने के कुछ घंटों बाद शुक्रवार को ट्वीट किया, “अच्छा समय आन दें”। मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल सहित अपने शीर्ष अधिकारियों को निकालकर सोशल मीडिया दिग्गज के नए मालिक के रूप में शुरुआत की। मस्क ने शुक्रवार को ट्विटर का अधिग्रहण पूरा करने और अग्रवाल, कानूनी कार्यकारी अधिकारी विजया गाड्डे, मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सीगल और जनरल काउंसिल सीन एडगेट सहित सोशल मीडिया दिग्गज के चार शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद ट्वीट किया था, चिड़िया आजाद हो गई है। “स्पॉयलर अलर्ट। अच्छा समय आने दें,” 51 वर्षीय मस्क ने गुरुवार की रात को ट्विटर के अधिग्रहण के साथ ही शुक्रवार की सुबह ये ट्वीट किया।  

एक अधिकारी को जबरन  बाहर किया गया 

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निकाल दिए गए अधिकारियों में से कम से कम एक को ट्विटर के कार्यालय से जबरन बाहर निकाल दिया गया था। सीएनएन ने टिप्पणी की, सौदे के पूरे होने के साथ ही अनिश्चितता के बादल दूर हो गए जिसने ट्विटर के व्यवसाय, कर्मचारियों और शेयरधारकों पर असर डाला था। अप्रैल में कंपनी को खरीदने के लिए शुरू में सहमत होने के बाद मस्क ने सौदे से बाहर निकलने की कोशिश में महीनों बिताए। पहले उन्होंने प्लेटफॉर्म पर बॉट्स की संख्या और बाद में कंपनी के एक व्हिसलब्लोअर द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में अपनी चिंताओं का हवाला दिया।

38 वर्षीय पराग अग्रवाल को पिछले साल नवंबर में सोशल मीडिया साइट के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के पद छोड़ने के बाद ट्विटर का सीईओ नियुक्त किया गया था। आईआईटी बॉम्बे और स्टैनफोर्ड के पूर्व छात्र अग्रवाल एक दशक पहले ट्विटर से जुड़े थे, जब कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी थे। एनवाईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल ट्विटर का मुख्य कार्यकारी नियुक्त किए गए अग्रवाल हाल के महीनों में सार्वजनिक और निजी तौर पर मस्क के साथ भिड़ गए थे। मस्क ने कंपनी में सामग्री मॉडरेशन निर्णयों में 48 वर्षीय गाड्डे की भूमिका के लिए उनकी भी आलोचना की।

ट्रंप का अकाउंट निलंबित करने में विजया गाड्डे की भूमिका

पिछले साल जनवरी में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, हैदराबाद में जन्मी गाड्डे यूएस कैपिटल में ट्रंप समर्थकों द्वारा विद्रोह की घटना के दौरान ये नाटकीय फैसला लेने में सबसे आगे थीं। ट्विटर के सह-संस्थापक बिज स्टोन ने अग्रवाल, सीगल और गाड्डे को उनके बड़े पैमाने पर योगदान के लिए धन्यवाद दिया। मस्क बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में कंपनी के मुख्यालय पहुंचे और इंजीनियरों और विज्ञापन अधिकारियों के साथ बैठक की। मस्क ने अपने ट्विटर विवरण को चीफ ट्विट के साथ अपडेट किया।

उन्होंने सेवा के सामग्री मॉडरेशन नियमों को ढीला करके, इसके एल्गोरिथम को अधिक पारदर्शी बनाकर और सदस्यता बिजनेस को बढ़ाने करने के साथ-साथ कर्मचारियों की छंटनी करके ट्विटर को बदलने का वादा किया है। अप्रैल में ट्विटर ने सोशल मीडिया सेवा को खरीदने के मस्क के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। हालांकि, जल्द ही समझौते का पालन करने के मस्क के इरादों के बारे में संदेह पैदा होना शुरू हो गया था। मस्क ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी स्पैम और नकली खातों की संख्या का पर्याप्त रूप से खुलासा करने में विफल रही है। इसे लेकर कंपनी ने मस्क को अदालत में खींचने की धमकी दी थी और ये ट्रायल 28 अक्तूबर को ही शुरू होना था। 

 



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