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'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- घाव, जिसका अर्थ है- वार, आघात, क्षत, चोट, शरीर पर चोट या किसी धारदार वस्तु से बना ज़ख़्म। प्रस्तुत है अशोक वाजपेयी की कविता- समय से अनुरोध
समय, मुझे सिखाओ
कैसे भर जाता है घाव?-पर
एक अदृश्य फाँस दुखती रहती है
जीवन-भर।
समय, मुझे बताओ
कैसे जब सब भूल चुके होंगे
रोज़मर्रा के जीवन-व्यापार में
मैं याद रख सकूँ
और दूसरों से बेहतर न महसूस करूँ।
समय, मुझे सुझाओ
कैसे मैं अपनी रोशनी बचाए रखूँ
तेल चुक जाने के बाद भी
ताकि वह लड़का
उधार लाई महँगी किताब एक रात में ही पूरी पढ़ सके।
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11 hours ago
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