Home Sports VIDEO: पाकिस्तान का शर्मनाक रिकॉर्ड; 800 रन का पहाड़, फिर भी मिली हार

VIDEO: पाकिस्तान का शर्मनाक रिकॉर्ड; 800 रन का पहाड़, फिर भी मिली हार

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VIDEO: पाकिस्तान का शर्मनाक रिकॉर्ड; 800 रन का पहाड़, फिर भी मिली हार

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नई दिल्ली. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच रावलपिंडी में खेले गए टेस्ट मैच को बयां करने के लिए वैसे तो हजार शब्द भी कम पड़ेंगे. पर सार यह है कि इंग्लैंड ने इस मैच में गर्व करने लायक दर्जनों रिकॉर्ड बनाए. और पाकिस्तान ने ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया, जिससे उसकी क्रिकेट जमात का सिर शर्म से झुक गया होगा.

अब चूंकि बात टेस्ट मैच की है और जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है. इसलिए पहले उसी की बात. इस मैच में पाकिस्तान ने पहली पारी में 579 और दूसरी पारी में 268 रन बनाए. यानी कुल 847 रन. और इसके बावजूद वह हार गया. वह भी अपने ही मैदान पर. यकीन मानिए, टेस्ट इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब पाकिस्तान टेस्ट मैच में 800 से ज्यादा रन बनाकर भी हार गया.

अब आते हैं इंग्लैंड के उस लाजवाब खेल पर, जिस पर ना सिर्फ उसके फैंस गर्व कर रहे हैं, बल्कि विरोधी टीमें भी उससे सबक ले रही हैं. इंग्लैंड ने इस मैच में ऐसा बहुत कुछ किया, जो टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ. जैसे कि टेस्ट मैच में यह पहली बार हुआ कि किसी टीम ने 100 ओवर में ही 600 बना दिए. पहली बार हुआ कि मैच के पहले ही दिन 4 शतक लग गए. पहली बार यह हुआ कि इंग्लैंड ने दोनों पारियों में 6.50 से अधिक के रनरेट से रन बनाए. और भी बहुत कुछ…

लेकिन मैं आपका ध्यान इंग्लैंड के उस खेल की ओर ले जाना चाहता हूं, जो दूसरी टीमों के लिए भी सबक है. यह बताने की जरूरत नहीं है कि आज की तारीख में टेस्ट क्रिकेट की छवि सुस्त खेल की है. लेकिन इंग्लैंड ने सुस्त माने जाने वाले इस फॉर्मेट में भी फटाफट क्रिकेट का रंग दिखाया. इंग्लैंड की बैटिंग देख कभी लगा ही नहीं कि रावलपिंडी में टेस्ट मैच खेला जा रहा है.

लेकिन जब मैं इंग्लैंड के खेल की तहेदिल से तारीफ कर रहा हूं तो यह सिर्फ ज्यादा रन या तेजी से रन बनाने की बात नहीं है. यह बात तो जिगरा दिखाने की है. कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड की दूसरी पारी तब घोषित कर दी, जब मैच में तकरीबन 120 ओवर बाकी थे. मेहमान टीम ने पाकिस्तान को पाटा विकेट पर 343 रन का लक्ष्य दिया. उस पाकिस्तान को जो पहली पारी में 579 रन बना चुका था. उस पाकिस्तान को, जिसके दो बल्लेबाज पहली पारी में शतक लगा चुके थे. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम भी शतक बनाकर अपनी फॉर्म दिखा चुके थे.

यकीन मानिए, पारंपरिक क्रिकेट खेलने वाली कोई भी टीम बैटिंग पिच पर 120 ओवर में 350 रन से कम का टारगेट नहीं दे सकती थी. यह ऐसा रिस्क था, जो आपको हार की ओर धकेल सकता था. टेस्ट मैचों में जब भी ऐसे पल आए हैं, ज्यादातर टीमों ने डिफेंसिव अप्रोच अपनाकर मैच ड्रॉ करवा लिए. लेकिन इंग्लैंड ने तय किया कि उसे ड्रॉ किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है. उसने हार से डरे बिना जीत के लिए खेला. इसीलिए यह जीत, सिर्फ इंग्लैंड की नहीं, टेस्ट क्रिकेट की भी जीत है.

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