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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन
– फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बार फिर से चीन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने चीन के जासूसी गुब्बारे का हवाला देते हुए अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को एयरबोर्न ऑब्जेक्ट डिटेक्शन के लिए बेहतर खोज करने को कहा है। बाइडेन ने कहा कि आसमान में जासूसी गुब्बारे और इस तरह की हर संदिग्ध चीजों को तुरंत पकड़ने के लिए बेहतर खोज करने और उसे लागू करने की जरूरत है। इससे हमारी क्षमता बढ़ेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी ये जरूरी है।
राष्ट्रपति ने कहा, पिछले कुछ दिनों में जो तीन जासूसी गुब्बारे गिराए गए हैं, उसके बारे में इंटेलीजेंस कम्युनिटी को भनक तक नहीं लगी। वह नहीं जान पाए कि ये चीन का भेजा गया जासूसी यंत्र है। बाइडेन ने इस मामले में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बात करने के लिए कहा।
राष्ट्रपति ने और क्या कहा?
बााइडेन ने कहा कि इंटेलीजेंस कम्युनिटी ने बताया कि ये तीनों ऑब्जेक्ट किसी प्राइवेट कंपनी और रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा हवा में रिसर्च के लिए छोड़े गए होंगे। फिर इसे हमने मार गिराया। इसके बाद चीन ने इसे सिविलियन एयरशिप बताया। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिकी आसमान में वस्तुओं के देखे जाने में अचानक वृद्धि नहीं हुई है। अमेरिका ने तीन गुब्बारों को मार गिराने में अत्यधिक सावधानी बरतते हुए कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने चीनी गुब्बारे दिखने के बाद अमेरिकी हवाई क्षेत्र की बारीकी से जांच की है। उन गुब्बारों को मार गिराने के लिए मुझे कोई खेद नहीं है। उम्मीद है कि इस मुद्दे पर मैं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात करूंगा।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका के आसमान में किसी संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने की पहली घटना जनवरी के अंत में हुई, जब तीन बस के बराबर का एक चीनी गुब्बारा दिखाई दिया। इस गुब्बारे को अमेरिकी अधिकारियों ने एक चीनी जासूसी गुब्बारा बताया। चीन ने भी माना की यह गुब्बारा उसका है। चीन ने दावा किया कि गुब्बारा मौसम अनुसंधान कर रहा था। हालांकि, चीन ने इसे गलती से अमेरिकी हवाई क्षेत्र में पहुंचने की बात कही।
गुब्बारा अमेरिकी आसमान में कई दिनों तक उड़ता रहा। काफी निगरानी के बाद दक्षिण कैरोलिना तट पर 4 फरवरी को एक F-22 जेट से गुब्बारे को मार गिराया गया। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा कि गुब्बारे का वजन एक टन से अधिक था। यह कई एंटेना से लैस था और इसमें खुफिया जानकारी एकत्र करने में मदद करने वाले सौर पैनल थे।
चीनी गुब्बारे के गिराए जाने के छह दिन बाद यानी 10 फरवरी को अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने उत्तरी अलास्का में एक अन्य वस्तु को मार गिराया। सेना के मुताबिक, यह वस्तु अमेरिकी हवाई क्षेत्र के भीतर उड़ रही थी।
अगले ही दिन, 11 फरवरी को अमेरिकी एफ-22 जेट ने कनाडा के केंद्रीय युकोन क्षेत्र में अमेरिकी सीमा से लगभग 100 मील (160 किमी) की दूरी पर हवा में उड़ रही एक संदिग्ध वस्तु को मार गिरा दिया। अमेरिकी सेना ने बताया कि हवा में उड़ रही यह वस्तु नागरिक उड़ानों के लिए खतरा थी। कनाडाई अधिकारियों की मानें तो इसका आकार बेलनाकार था और पहले गुब्बारे से छोटा था। हालांकि, कनाडा की रक्षा मंत्री अनीता आनंद ने इस बार की पुष्टि नहीं की कि यह चीन से आया हुआ था या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों उड़ती वस्तुओं का आकार एक छोटी कार के बराबर था।
शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को लगातार तीसरे दिन अमेरिकी सैन्य लड़ाकू विमानों ने एक अज्ञात वस्तु को मार गिराया। यह अज्ञात वस्तु मिशिगन की ह्यूरोन झील के ऊपर पड़ रही थी। इस अष्टकोणीय आकार की अज्ञात वस्तु में तार लटके हुए थे लेकिन कोई पेलोड नहीं था। यह सैन्य खतरा पैदा नहीं कर सकता है या निगरानी क्षमता नहीं रखता है। हालांकि, 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही यह अज्ञात वस्तु घरेलू हवाई यातायात में हस्तक्षेप कर सकती थी।
अमेरिकी सीनेट में बहुमत के नेता चार्ल्स शूमर ने कहा कि ह्यूरोन झील से पहले दिखी दोनों वस्तुएं गुब्बारे जैसी थीं। हालांकि, इनका आकार पहले के मुकाबले कम था। दोनों करीब 40 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। अब तक केवल पहले गुब्बारे का संबंध चीन से मिला है।
वहीं, अमेरिकी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करने वाले अमेरिकी सैन्य कमांडर ने रविवार को कहा कि वह यह निर्धारित नहीं कर सके कि पिछले तीन दिनों में मार गिराई गई तीन वस्तुएं ऊपर कैसे बनी रहीं, उन्होंने कहा कि वह उन्हें किसी कारण से गुब्बारे नहीं कह रहे थे।
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