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पेंटागन प्रेस सचिव ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर।
– फोटो : Wikipedia
विस्तार
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने दो टूक कहा है कि इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि चीन, यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद करने पर विचार कर रहा है। पेंटागन के प्रेस सचिव ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि यह विनाशकारी हो सकता है। इससे पहले बाइडन प्रशासन भी यूक्रेन युद्ध में चीन द्वारा रूस को ड्रोन और आधुनिक हथियारों की आपूर्ति की आशंका जता चुका है।
ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा, हमारे संकेत स्पष्ट हैं कि चीन इस बारे में विचार कर रहा है। मेरे पास इस संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी या कोई खुफिया सूचना नहीं है, सिवाय इस तथ्य के कि उन्होंने रूस की मदद के विचार को त्यागा नहीं है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह एक बहुत गलत फैसला होगा। यह ऐसी चीज है जिस पर पेंटागन करीबी नजर बनाए हुए है।
यूक्रेन में लड़ाई का असर भारत में भी
अमेरिकी सीनेटर चक शूमर ने कहा, यूक्रेन में लड़ाई का प्रभाव भारत पर भी होगा। उन्होंने कहा, अमेरिका को जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य प्रशांत सहयोगियों के साथ सहयोग और समन्वय करना चाहिए। उन्होंने कहा, भारत को सहकारी विकास के बारे में सोचना चाहिए।
- राइडर ने कहा, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर चीन ऐसा करता है तो इसके क्या नतीजे होंगे। यह इस संघर्ष को अनावश्यक रूप से बढ़ाएगा और नतीजतन अधिक निर्दोष लोगों की जान जाएगी, क्योंकि रूस ने यूक्रेन के नागरिकों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है।
- उन्होंने कहा, अंतत: फैसला चीन को करना है, लेकिन सवाल यह है कि क्या एक देश के तौर पर चीन खुद को उन देशों के खेमे में रखना चाहता है, जो एक राष्ट्र के तौर पर यूक्रेन को खत्म करना चाहते हैं और निर्दोष लोगों को जान लेना चाहते हैं।
‘अस्तित्व’ के लिए खतरा बना हुआ है चीन : अमेरिकी सांसद
रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा में चीन पर हुई पहली चर्चा के दौरान देश के शीर्ष सांसदों ने चीन को अमेरिका के ‘अस्तित्व’ के लिए खतरा करार दिया। उन्होंने चीन से मिल रही चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए देश के भीतर और अपने सहयोगियों के साथ समन्वय में हर संभव प्रयास करने का आह्वान भी किया। चीनी चुनौतियों के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रतिनिधि सभा में हाल ही में गठित ‘हाउस सलेक्ट कमेटी ऑन द चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी’ नामक समिति के अध्यक्ष माइक गॉलाघर ने कहा, यह विनम्रता के साथ खेला जाने वाला कोई टेनिस मैच नहीं है।
चीन ने भेजे लड़ाकू जेट : ताइवान
ताइपे। ताइवान ने कहा कि चीन ने बुधवार को सुबह द्वीप राष्ट्र की ओर 25 लड़ाकू विमान और तीन युद्धपोत भेजे हैं। चीन इस तरह की घटनाओं को नियमित रूप से अंजाम देता है। ताइवान ने लड़ाकू विमानों के बेड़े को उन्नत करके, नए हथियार खरीद के ऑर्डर देकर व देश के सभी पुरुषों के लिए सैन्य सेवा की अनिवार्य अवधि एक वर्ष बढ़ाकर जवाबी कार्रवाई के लिए खुद को तैयार किया है। एजेंसी
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