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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा।
– फोटो : अमर उजाला
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असम में बाल विवाह के खिलाफ सरकार ने जोरशोर से अभियान चला रखा है। बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस बीच, सवाल उठने लगा कि राज्य सरकार ने बालविवाह के आरोपों में मुसलमानों को परेशान करना शुरू किया है। ज्यादातर गिरफ्तारियां मुसलमानों की हो रहीं हैं। इसपर अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जवाब दिया है।
उन्होंने बुधवार को कहा कि राज्य में बाल विवाह के खिलाफ राज्य सरकार के चल रहे अभियान के दौरान धर्म को नजरअंदाज करते हुए कार्रवाई की जा रही है। सरमा ने आंकड़ा भी पेश किया। बताया कि तीन फरवरी की कार्रवाई तक मुसलमानों और हिंदुओं की गिरफ्तारी का अनुपात लगभग बराबर ही है।
सरमा ने और क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मैंने अपने कुछ लोगों को भी उठाया है क्योंकि विपक्षी सदस्यों को बुरा लगेगा। तीन फरवरी की कार्रवाई के बाद से मुसलमानों और हिंदुओं की गिरफ्तारी का अनुपात 55:45 है।’
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