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अमृतपाल सिंह
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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अमृतपाल सिंह अपने खाने-पीने से लेकर ऐशोआराम की सारी चीजें लोगों द्वारा दिए जाने वाले चंदे के माध्यम से ही पूरी करता था। भले ही वह मर्सिडीज कार में सवार होकर निकलता था, लेकिन वह उसने अपनी कमाई से नहीं खरीदी थी और न ही उसमें कभी खरीदकर पेट्रोल डलवाया था। यह सारा काम उसके समर्थक और संगत ही करती थी। ये खुलासे अमृतपाल सिंह के काबू किए समर्थकों ने पूछताछ के दौरान किए हैं।
इसके अलावा एजेंसियां यह पता करने में लगी हैं कि विदेशों से फंडिंग के अलावा कितना पैसा स्थानीय लोगों के सहारे जुटाया था। साथ ही इसका प्रयोग कहां किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में आया है कि अमृतपाल सिंह खुद को काफी बड़ा पंथक नेता साबित करने में लगा रहता था।
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उसके सोशल मीडिया पर चलने वाले वीडियो से अलगावादी सोच रखने वाले युवा काफी प्रभावित हो रहे थे। इस चक्कर में वह उससे मिलने के लिए उसके गांव में पहुंचते थे। वहीं, अमृतपाल युवाओं को जोड़ने का पूरा प्रयास करता था। पता चला है कि उसके गांव में लंगर सेवा नियमित चलती रहती है। इसमें उसके घरवाले भी खुद सक्रिय रहते थे। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि जब वह समागमों के लिए निकलता था तो वह फोन का प्रयोग खुद नहीं करता था। उसके साथी ही फोन पकड़ते थे। वह बात तक नहीं करता था। इसके अलावा उसके समागमों में चढ़ने वाला पैसा भी उसे ही जाता था।
अमृतपाल की पत्नी ऑनलाइन करती है काम
यह बात भी सामने आई है कि अमृतपाल सिंह की पत्नी कनाडा की रहने वाली है। साथ ही वहीं पर वह कोई काम करती है। वहां पर भी कई सेक्टरों में अभी वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। ऐसे में शादी के बाद से कनाडा नहीं गई थी। साथ ही ऑनलाइन काम करती थी। यह बात परिवार से पूछताछ में सामने आई। अब पुलिस यह बात पता करने में लगी है कि सच में वह ऑनलाइन काम करती है। या फिर वह यहां आतंक के खेल में अपने पति का हाथ बंटाती थी। इसके अलावा उसके बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं।
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