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'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- अभ्यास, जिसका अर्थ है- पारंगत या निपुण होने के लिए किसी काम को बार बार करना, आदत, स्वभाव। प्रस्तुत है मैथिलीशरण गुप्त की कविता- अरे, ओ अब्दों का इतिहास!
अरे, ओ अब्दों का इतिहास!
कह, तू किन शब्दों में देगा युग-युग का आभास?
देख इधर, वह विष ही पीते,
हमें यहाँ कितने दिन बीते,
फिर भी अमृतपत्र हम जीते
जिए आत्म-विश्वास।
अरे, ओ अब्दों के इतिहास!
पुण्य-भूमि के इस अंचल में,
सिंधु और सरयु के जल में,
गंगा-यमुना के कल-कल में,
अगणित वीचि-विलास।
अरे, ओ अब्दों के इतिहास!
मंत्रों का दर्शन, अवतारण,
और दर्शनों का ध्रुव-धारण,
वह उपनिषदों का उच्चारण,
योगों का अभ्यास।
अरे, ओ अब्दों के इतिहास!
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11 hours ago
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