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FMCG: क्या आपको पता है मैगी नूडल्स बनाने वाली कंपनी नेस्ले का ये सच? जानिए कैसे देश में घर-घर पहुंचे उत्पाद

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FMCG: क्या आपको पता है मैगी नूडल्स बनाने वाली कंपनी नेस्ले का ये सच? जानिए कैसे देश में घर-घर पहुंचे उत्पाद

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Nestlé India has market dominance in Baby food products, it sales Cerelac than Maggi

नेस्ले इंडिया
– फोटो : Social Media

विस्तार

देश में मैगी का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। इस प्रोडक्ट को बनाती है नेस्ले इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी। ऐसा माना जाता है कि नेस्ले की कमाई में सबसे ज्यादा मैगी बेचकर ही होती है, पर हकीकत इससे उलट है। फरवरी 2022 के कंपनी के आंकड़ों के अनुसार मैगी और उससे जुड़े उत्पादों का नेस्ले के राजस्व में 32% योगदान है। हालांकि कंपनी मैगी से कहीं ज्यादा अपने दूध से जुड़े उत्पाद बेचती हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम है सेरेलैक। जिसका कंपनी के रेवेन्यु में करीब 42.2% का योगदान है। इस सेगमेंट का ग्रोथ रेट करीब दो प्रतिशत सालाना है।

मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 24.7 प्रतिशत बढ़ा

हाल ही में कंपनी ने केयरग्रो नाम एक और बेबी फूड प्रोडक्ट पेश किया है, जो रागी जैसे अनाज से तैयार किया गया है। एक इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में नेस्ले की ओर से बताया गया कि केयर ग्रो उसके पोर्टफोलियो का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड है। एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नेस्ले इंडिया ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसका मार्च तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 24.7 प्रतिशत बढ़कर 737 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल बिक्री 21.3 प्रतिशत बढ़कर 4,808 करोड़ रुपये हो गई।

2027 तक बेबी फुड बाजार छह प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान

रिसर्च फर्म आईएमएआरसी के अनुसार सेरेलैक नेस्ले इंडिया का सबसे ज्यादा बिकले वाला प्रोडक्ट है और बेबी फूड सेगमेंट का मार्केट लीडर है। भारत में बेबी फूड या इन्फेंट फार्मूला का बाजार 2022 से 2027 के दौरान 6% की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसका कारण है पैरेंट्स में अपने बच्चों के पोषण के प्रति लगातार सजग बनना। नैस्ले इसी बात को समझते हुए इस कारोबार में दबदबा बनाए हुए है। नैस्ले इन्फैंट फार्मूला मिल्क जैसे नान, लैक्टोजन के बाजार में 66.5% की भागीदारी और बेबी फुड सेगमेंट में 96.8 प्रतिशत की भागीदारी के साथ मार्केट लीडर है। हर साल भारत में ढाई करोड़ बच्चे पैदा होते हैं और नैस्ले ने इसी को अपना बाजार बनाया है। भारत में बेबी फुड का बाजार लगातार बढ़ रहा है। माता-पिता के प्रति बच्चे दिनोंदिन सगज होते जा रहे हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी लगातार अपने उत्पादों को इनोवेट कर और नए उत्पाद लेकर आ रही है।

बीते पांच सालों में कंपनी के शेयर 125 प्रतिशत तक उछले   

बीते पांच वर्षों में नेस्ले के उत्पादों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 16,896.96 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी बढ़ा है। कंपनी के विक्रय और मुनाफे में वृद्धि का असर उसके शेयरों की कीमत पर भी पड़ा है। पिछले पांच वर्षों में कंपनी के शेयर 125% तक उछले हैं। जबकि इस दौरान निफ्टी और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स क्रमशः 65 प्रतिशत और 63 प्रतिशत ही बढ़े हैं। फिलहाल कंपनी के शेयर 78x पीई के साथ 20,643.00 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे हैं। बीते पांच सालों में कंपनी प्रत्येक शेयर पर निवेशकों को 11,581.30 रुपये यानी करीब 127% का रिटर्न मिला है।

डॉक्टरों की सलाह के बावजूद बेबी फुड से जुड़े उत्पाद हर घर में न्यू नॉर्मल बने

एक रिपोर्ट के मुताबिक नेस्ले सेरेलैक, वोकहार्ड फारेक्स एंड हेंज ब्रेकफास्ट, क्रीमी ओट पेरिज भारत में बेबी फुड बाजार के तीन प्रचलित नाम हैं। जिनमें नेस्ले इंडिया 2015 से अपनी बढ़त बनाए हुए है। ये कंपनियां बेबी फुड से जुड़ी अलग-अलग तरह के उत्पाद बनाती हैं। इनफेंट मिल्क सब्सटीच्यूट (IMS) एक्ट के तहत ऐसे उत्पादों का प्रचार नहीं किया जा सकता ऐसे में कंपनियों के लिए अपने उत्पादों की मार्केटिंग करना कठिन होता है। नेस्ले जैसी कंपनियां अपने उत्पादों की मार्केटिंग के लिए सरोगेट तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां एक ओर माता-पिता अपने बच्चों के पोषण के प्रति पहले की तुलना में अधिक सजग रहते हैं वहीं दूसरी ओर माता-पिता दोनों के वर्किंग होने के कारण वे उन्हें हर जरूरी चीज घर पर बनाकर उपलब्ध करवाने में सक्षम नहीं होते हैं। इस परिस्थिति में उन्हें सहारा देता के नेस्ले जैसी कंपनियों के उत्पाद। अब धीरे-धीरे ये उत्पाद हर घर में न्यू नॉर्मल बन गए हैं। ये हाल तब है जब  चिकित्सक और जानकार हमेशा बच्चों को घर पर बने फूड खिलाने की सलाह देते हैं

गली -मुहल्लों में बिना डॉक्टर पर्ची के भी बिक रहे बेबी फुड प्रोडक्ट्स

धीरे-धीरे ही सही नेस्ले ने हर घर तक अपनी पहुंच बना ली है। जिन मां और सासों ने नेस्ले को इस्तेमाल कर अपने बच्चों को बड़ा किया है वे भी अपनी नई पीढ़ी को इसके बारे में बताते हैं और इस तरह एक से दूसरे घर में नेस्ले की इंट्री होती जाती है।माता-पिता अपनी सुविधा के लिए बाजार से बेबी फुड की खरीदारी करते हैं। यह बेबी फुड हर जनरल स्टोर या मेडिकल स्टोर पर बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के उपलब्ध होता है। वर्ष 2017 से 2021 के दौरान पांच वर्षों में नेस्ले के राजस्व में 8.5 प्रतिशत के CAGR से बढ़ा है। यह राजस्व वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों में कंपनी के उत्पादों में वृद्धि के कारण है। दिसंबर 2022 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 66% की दर से बढ़कर 628 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 379 करोड़ रुपये था। इस दौरान घरेलू बाजार में कंपनी के उत्पादों की बिक्री 3,568 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,062 करोड़ रुपये हो गया। पूरे वर्ष 2022 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा और यह 2,118 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,391 करोड़ रुपये हो गया। जबकि इस दौरान घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री पिछले वर्ष की बिक्री 14,025 करोड़ रुपये से 15 प्रतिशत बढ़कर 16,098 करोड़ रुपये हो गई है।

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