Home Breaking News Wrestlers: कुरुक्षेत्र में निशाने पर लगा CM योगी का बाण! किसान आंदोलन जैसी ‘गर्मी’ दिखाने से बचीं खाप पंचायतें

Wrestlers: कुरुक्षेत्र में निशाने पर लगा CM योगी का बाण! किसान आंदोलन जैसी ‘गर्मी’ दिखाने से बचीं खाप पंचायतें

0
Wrestlers: कुरुक्षेत्र में निशाने पर लगा CM योगी का बाण! किसान आंदोलन जैसी ‘गर्मी’ दिखाने से बचीं खाप पंचायतें

[ad_1]

Wrestlers: Rakesh Tikait gave an ultimatum to government till June 9, decision was taken in Khap Panchayat

Wrestlers Protest: Khap Panchayat
– फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई की मांग कर रहे पहलवानों की लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर विचार करने के लिए शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में खाप पंचायतें जुटी थीं। किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को 9 जून तक का अल्टीमेटम दे दिया है। अगर इस अवधि में बृजभूषण शरण की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो पहलवानों को लेकर खाप पंचायतें खुद जंतर-मंतर पर पहुंच जाएंगी। यह माना जा रहा था कि खाप पंचायत में कोई ‘एक्शन’ से भरपूर निर्णय लिया जाएगा। जैसे रेलवे लाइन या सड़क मार्ग बाधित करना, दिल्ली में हरियाणा और यूपी के रास्ते जो खाद्य पदार्थ, दूध व सब्जी आदि की सप्लाई होती है, उसे रोक देना। ऐसा कुछ नहीं हुआ। पंचायत में सॉफ्टकार्नर का भाव दिखा। इसी वजह से सरकार को अल्टीमेटम दे दिया। इस दोतरफा सॉफ्टकार्नर का दूसरा पहलू उत्तर प्रदेश के अयोध्या में होने वाली सांसद बृजभूषण शरण सिंह की रैली का स्थगित होना रहा। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी ने जो अचूक बाण चलाया, वह कुरुक्षेत्र की खाप पंचायत में सही निशाने पर जाकर लगा।

यह भी पढ़ें: Brij Bhushan Singh: ब्रजभूषण की रैली क्यों हुई रद्द, क्या योगी हुए नाराज, चिट्ठी में भाजपा सांसद ने क्या कहा?

कई मुद्दों पर नजर आई आधी अधूरी सहमति

उत्तर प्रदेश के सोरम (मुजफ्फरनगर) में गुरुवार को खाप पंचायत हुई थी। इसमें हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। हालांकि पंचायत खत्म होने के बाद वहां पर कोई निर्णय नहीं सुनाया गया, बल्कि ये कहा गया कि शुक्रवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जो खाप पंचायत होगी, उसमें अंतिम निर्णय बताया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के एक पूर्व सदस्य बताते हैं, देखिये इस मामले में सब कुछ सर्वसम्मति से नहीं हो रहा है। जंतर मंतर पर धरना हो, नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन संसद के सामने जाकर पहलवानों द्वारा प्रदर्शन करने की जिद हो या गंगा में मेडल बहाने का निर्णय, इनमें आधी अधूरी सहमति नजर आई थी। सोरम (मुजफ्फरनगर) में हुई पंचायत को लेकर हरियाणा की सभी खाप पंचायतें खुश नहीं थी। वजह, मीडिया में टिकैत बंधुओं और उत्तर प्रदेश ही दिखाया जा रहा था। यही कारण था कि मुजफ्फरनगर की पंचायत में जब फाइनल ‘निर्णय’ बताने की बारी आई तो कहा गया, कुरुक्षेत्र की पंचायत में इसका खुलासा किया जाएगा।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here