Home Breaking News Bihar News : विपक्षी एकता के गठबंधन का नाम PDA भाजपा की देन, बिहार की बैठक में इन 5 नेताओं ने दिए थे ऐसे संकेत

Bihar News : विपक्षी एकता के गठबंधन का नाम PDA भाजपा की देन, बिहार की बैठक में इन 5 नेताओं ने दिए थे ऐसे संकेत

0
Bihar News : विपक्षी एकता के गठबंधन का नाम PDA भाजपा की देन, बिहार की बैठक में इन 5 नेताओं ने दिए थे ऐसे संकेत

[ad_1]

After meeting Rahul Gandhi in Bihar opposition meeting new name of alliance patriotic meaning pda full form

पटन में 23 जून को विपक्षी दलों की महाबैठक हुई थी।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


देशभक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (Patriotic Democratic Alliance)- 10 से 12 जुलाई के बीच शिमला में तय होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे 15 या 14 दल इस नाम पर मुहर लगाते हैं या नहीं। वाम नेता डी. राजा ने यह नाम सामने लाकर बहस छेड़ ही दी है तो यह भी जानना रोचक है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के रहते नए नाम की जरूरत क्यों पड़ी या जब महागठबंधन ने बैठक बुलाई थी तो उसके नाम से अलग कुछ खोजने की जरूरत क्यों पड़ी? चौंकाने वाली बात है कि यह नाम दरअसल भाजपा से प्रेरित है। यकीन दिलाने के लिए ‘अमर उजाला’ आपको 23 जून के उस संवाददाता सम्मेलन में भी लेता जाएगा, जहां मीडिया के सामने बातें रखकर सारे नेता उठ गए और सवाल धरे के धरे रह गए। 

राष्ट्रभक्त की जगह देशभक्त हो हिंदी में

जिन सवालों का जवाब दिए बगैर सारे नेता सिर्फ अपनी बात बोलने के बाद उठ खड़े हुए थे, उनमें एक यह भी था कि इस विपक्षी एकता की बैठक ने गठबंधन का नाम महागठबंधन रखा या संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) नाम रह जाएगा? जवाब नहीं मिला, लेकिन देशभक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (Patriotic Democratic Alliance) जैसे नाम का संकेत कई नेताओं ने दिया था। बैठक के मौजूद रहे एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा- “Patriotic Democratic Alliance नाम की संभावना है, लेकिन इसका हिंदी राष्ट्रभक्त लोकतांत्रिक गठबंधन नहीं होगा। राष्ट्रभक्त या राष्ट्रवाद जैसे शब्दों से भाजपा खेलती है। उसके काट के लिए ‘देशभक्त’ शब्द का इस्तेमाल संभव है। यह भाजपा का लाइसेंसी शब्द नहीं है और यही एक शब्द है जो भाजपा के कथित राष्ट्रवादी भाव का जवाब देते हुए जनभावना के करीब है।”

UPA पर कांग्रेस करेगी समझौता?

गठबंधन तो है ही, लोकतंत्र पर फोकस देखिए

भाजपा विरोधी दलों के नेताओं ने एक साथ गठबंधन के रूप में खड़े होकर लड़ने की बात तो की ही, लेकिन कई नेताओं ने देशभक्ति और लोकतंत्र पर ही फोकस रखा। इन नेताओं ने इन शब्दों पर बार-बार जोर दिया। हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला और उर्दू में देशभक्ति की बात की गई और लोकतंत्र को खतरे में बताया गया। 23 जून को पांच नेताओं ने विशेष रूप से भाजपा को राष्ट्रवाद के नाम पर टारगेट किया और भाजपा सरकार में लोकतंत्र पर खतरा बताया। विपक्षी एकता को लेकर पटना में हुई बैठक के दौरान इन पांच नेताओं ने की थी ऐसी बातें-

ममता ने कहा था- विपक्षी नहीं, हम भी पेट्रोइटिक

“हमलोग एक हैं, साथ लड़ेंगे। हमलोग को अपोजिशन मत बोलो। हम भी पेट्रोइटिक है। भाजपा के केंद्र सरकार ने हमारी चुनी गई सरकार के सामने राजभवन को अल्टरनेटिव गवर्नमेंट बना दिया।”

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

राजा ने कहा था- लोकतंत्र बर्बाद कर रही भाजपा

“भाजपा सरकार हमारे देश के संविधान पर हमला कर रही है। हमारा लोकतंत्र बर्बाद कर रही है। सांप्रदायिक ताकतों का वर्चस्व हो गया है। हमारी गणतांत्रिक व्यवस्था को गिरवी रख दिया गया है।”

डी. राजा, महासचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

घट गए घटक दल

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here