Home Breaking News Pm Modi: पीएम मोदी-मैक्रों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर की चर्चा, कहा- कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए विवाद

Pm Modi: पीएम मोदी-मैक्रों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर की चर्चा, कहा- कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए विवाद

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Pm Modi: पीएम मोदी-मैक्रों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर की चर्चा, कहा- कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए विवाद

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PM Modi and Macron discussed on Russia Ukraine conflict and its impact on developing countries

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा
– फोटो : एएनआई

विस्तार


विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और विकासशील देशों पर इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस बात के सबसे बड़े पैरोकार रहे हैं कि विवाद को कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर एक-दूसरे की स्थिति स्पष्ट तरीके समझा। पीएम मोदी इस संघर्ष को बातचीत से हल करने के समर्थक रहे हैं। इसलिए कल और आज जब भी दोनों नेता मिले हैं, तो उन्होंने इस संबंध में विस्तार से चर्चा की।  

भारत और फ्रांस ने हासिल की कई उपलब्धियां

विदेश सचिव ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच 25 साल की रणनीतिक साझेदारी में कई उपलब्धियां हासिल की है। पीएम नरेंद्र मोदी की यात्रा ने दोनों देशों के लिए अगले 25 वर्षों के लिए सहयोग की इमारत तैयार की है। पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा पर विशेष ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विनय क्वात्रा ने कहा, ‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, हम भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हमारी रणनीतिक साझेदारी ने 25 वर्षों में बहुत सी उपलब्धियों हासिल की हैं। इस यात्रा ने इसे एक आधार बनाकर अगले 25 सालों में आने वाले भारत-फ्रांस सहयोग की एक इमारत भी तैयार की है।

दोनों नेताओं दृष्टिकोण है होराइजन

विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत ने पहली बार दुनिया के किसी भी देश के साथ साझेदारी की होराइजन 2047 रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दस्तावेज होराइजन 2047 दोनों नेताओं पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का एक दृष्टिकोण है। क्वात्रा ने कहा, ‘उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि इस संघर्ष का विकासशील देशों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा दोनों नेताओं ने खाद्य सुरक्षा की चुनौतियां और इससे ऊर्जा सुरक्षा के लिए बढ़ती अनिश्चितता, उर्वरक सुरक्षा चुनौतियों में तेजी से वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी विचार किया।’

संयुक्त विकास का समर्थन

क्वात्रा ने कहा,  ‘भारत और फ्रांस उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के सह-विकास और सह-उत्पादन पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले वर्षों में सह-उत्पादन और सह-विनिर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत और फ्रांस लड़ाकू विमान इंजन के संयुक्त विकास का समर्थन करके एडवांस एरोनाटिकल टेक्नोलॉजी में भी सहयोग करेंगे।

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