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अविश्वास प्रस्ताव पर बोले अमित शाह
– फोटो : अमर उजाला
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संसद में कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को फिर चर्चा हुई। अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत की और मणिपुर का मुद्दा उठाया। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव संवैधानिक प्रक्रिया है, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। इससे राजनीतिक दलों और पार्टियों के चरित्र उजागर होते हैं।
अमित शाह ने नरसिंह राव का किया जिक्र
आगे अमित शाह ने कहा कि मैं तीन प्रस्तावों का जरूर जिक्र करना चाहूंगा। दो प्रस्ताव हम लेकर आए थे, एक एनडीए सरकार के खिलाफ आया। जुलाई 1993 में नरसिंह राव जी की सरकार थी, अविश्वास प्रस्ताव आया। कांग्रेस का मूल सिद्धांत है येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहना। नरसिंह राव जी की सरकार जीत गई, लेकिन बाद में कई लोगों को जेल की सजा हुई क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा को घूस देकर यह जीत हासिल की गई।
मनमोहन सिंह विश्वास प्रस्ताव लेकर आए
साथ ही उन्होंने कहा कि 2018 में मनमोहन सिंह विश्वास प्रस्ताव लेकर आए, सांसदों को करोड़ों रुपये की घूस देने पड़ी। हमारे सांसद रुपया लेकर सामने आई। उन्होंने सरकार बचा ली। इसके सामने दूसरा उदाहरण है 1999 का। अटलजी की सरकार के समय अविश्वास प्रस्ताव आया। जो कांग्रेस ने किया, वह हम कर सकते थे। नरसिंह राव जी साबित कर चुके थे कि करोड़ों रुपये देकर सरकार बचाई जा सकती है।
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