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हर क्षेत्र में लड़कियां खूब नाम कमा रही हैं। लेकिन कुछ लोगों की अब भी ऐसी मानसिकता है जो लड़कियों और लड़कों में भेदभाव रखते हैं। एक नए धारावाहिक ‘डोरी’ में इसी सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव पर प्रकाश डाला गया है। पितृसत्तात्मक समाज में आज भी लड़कियां अपने माता-पिता की पहली पसंद नहीं हैं। यह लैंगिक असमानता लोगों के मन में घर कर गई है। इस शो के माध्यम से यह बताने की कोशिश की जाएगी कि लड़के और लड़कियों के बीच जो भेदभाव है उसके प्रति लोगों का नजरिया बदलना होगा।
धारावाहिक ‘डोरी’ की कहानी बनारस की पृष्ठभूमि पर आधरित है और छह साल की एक लड़की के नजरिये से है। डोरी बनारस के बुनकर मोहल्ले में अपने पालक पिता गंगा प्रसाद के साथ रहती है। शो के प्रोमो में तीन मुख्य किरदारों डोरी, गंगा प्रसाद और कैलाशी देवी ठाकुर का परिचय बताया गया है।
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