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यमन के पास तेल के टैंकर पर निशाना साधा गया (सांकेतिक)
विस्तार
इस्राइल से जुड़े तेल के टैंकर पर निशाना साधे जाने की खबर सामने आई है। घटना यमन के तट के पास अदन की है। तेल टैंकर जब्त किए जाने के मामले में खबर के अनुसार, एक निजी सुरक्षा फर्म ने रविवार को कहा कि इस्राइल से जुड़े तेल टैंकर को यमन में अदन के तट पर अज्ञात लोगों ने जब्त कर लिया।
निजी खुफिया फर्म एंब्रे ने बताया कि सेंट्रल पार्क नाम के टैंकर को निशाना बनाया गया है। इस तेल टैंकर का प्रबंधन ज़ोडियाक मैरीटाइम करता है। टैंकर का मालिकाना हक भी इसी कंपनी के पास है। रविवार को अदन की खाड़ी में इस टैंकर को जब्त कर लिया गया। खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि तेल टैंकर पर हमले के पीछे किसका हाथ है?
गौरतलब है कि अदन की खाड़ी पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का नियंत्रण है। खबरों के अनुसार, अदन पर सरकार से संबद्ध बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का कब्जा है। यहां पिछले कई साल से यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ाई हो रही है।
लाल सागर में परिवहन जहाज हाईजैक
बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्ध बीते सात अक्तूबर को शुरू हुआ। आतंकवादी हमले के जवाब में इस्राइली सेना (IDF) बीते 50 दिनों से हमास के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में जुटी है। इससे पहले पिछले सप्ताह भी हूती विद्रोहियों की खबर सामने आई थी। इस मामले में भी यमन के पास लाल सागर में एक वाहन परिवहन जहाज हाईजैक किया गया था। इस संबंध में आई रिपोर्ट के अनुसार, जहाज को निशाना बनाने की धमकी की बात भी सामने आई थी।
अमेरिकी नौसेना का बयान
गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा मध्यपूर्व में गश्त करता है। तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबरों पर समाचार एजेंसी- एसोसिएटेड प्रेस ने नौसेना से कई सवाल किए। हालांकि, सवालों का जवाब नहीं मिला है। इसी बीच निजी खुफिया फर्म एंब्रे ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी नौसैनिक इलाके में तैनात हैं। उन्होंने जहाजों को संबंधित क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा है।
अदन की खाड़ी में पहले भी जहाजों पर हमला हुआ
एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने शनिवार (स्थानीय समय) को कहा, सेंट्रल पार्क नाम के टैंकर की जब्ती हुई है। इससे पहले इस्राइली अरबपति के मालिकाना हक वाले कंटेनर जहाज सीएमए सीजीएम सिमी (CMA CGM Symi) पर शुक्रवार को हमला हुआ था। खबरों के अनुसार, हिंद महासागर में एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने इस पर हमला किया था।
हूती विद्रोही और ईरान के आक्रामक होने का कारण
हमले के कारणों पर एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हूती विद्रोही और ईरान इसलिए आक्रामक हैं क्योंकि इस्राइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। अधिकारी ने बताया कि उन्हें खुफिया मामलों पर चर्चा करने की अनुमति नहीं है।
समुद्री परिवहन पर खतरा
गौरतलब है कि यमन के पास और अदन की खाड़ी में जहाजों और तेल टैंकरों पर हमलों के कारण वैश्विक समुद्री परिवहन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा मंडराने लगा है। भले ही इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के कारण लड़ाई चार दिनों के लिए थमी है, लेकिन हालात सामान्य होने के आसार नहीं हैं। इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि युद्धविराम के बावजूद इस्राइली सेना (IDF) हमास के खिलाफ कार्रवाई बंद नहीं करेगी। हमास ने बंधकों को रिहा किया है। बदले में इस्राइल ने भी फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है।
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