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Report: यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रूस को पड़ा महंगा! रिपोर्ट में दावा- 87% सक्रिय सैनिक बेड़ों को खो चुका मॉस्को

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Report: यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रूस को पड़ा महंगा! रिपोर्ट में दावा- 87% सक्रिय सैनिक बेड़ों को खो चुका मॉस्को

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Russia has lost 87% of troops it had prior to start of Ukraine war, according to US intelligence assessment

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : ANI

विस्तार


रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब दो साल होने जा रहे है। दोनों देशों में से कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है। अब इसी जंग को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। बताया जा रहा है कि युद्ध के शुरू होने के बाद से लेकर अबतक रूस अपने 87 फीसदी सक्रिय सैनिक बेड़ो को खो चुका है। इतना ही नहीं इसके बेड़े के दो तिहाई टैंक भी बर्बाद हो चुके हैं। यह जानकारी एक सांसद को गोपनीय अमेरिकी खुफिया आकलन की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से दी गई है।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हार मानने को तैयार नहीं

इतने बड़े नुकसान के बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब रूस ने युद्ध शुरू किया था तो उसके पास 3,60,000 सैनिक थे। अभी तक युद्ध के मैदान में देश ने अपने 3,15,000 जवानों को खो दिया है।

इतने बड़े पैमाने पर नुकसान

वहीं, हथियारों की बात करें तो मॉस्को के 3,500 में से 2,200 टैंक तबाह किए जा चुके हैं। इनके अलावा, 13,600 पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों और बख्तरबंद कर्मियों के वाहक में से 13,600 भी नष्ट हो गए हैं।

रूस की आक्रमता में कमी आई

इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नवंबर के अंत तक रूस जमीनी बलों के हथियारों के अपने भंडार का एक चौथाई से अधिक खो चुका है। इतने बड़े नुकसान से कहीं न कहीं रूस की आक्रमता में कमी आई है, लेकिन फिर भी मॉस्को हार मानने को तैयार नहीं है। 

सर्दियों के बाद जीत मिलने की उम्मीद 

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता के अनुसार, रूस का मानना है कि सर्दियों में एक सैन्य कार्रवाई के बाद यूक्रेन को मिलने वाला पश्चिमी समर्थन खत्म हो जाएगा। इसके बाद रूस की जंग को एक नई दिशा मिलेगी।

सैनिकों की संख्या को बढ़ाने का फैसला

बता दें, आक्रमण से पहले रूस के पास करीब नौ लाख कुल स्थायी सेना थी, जिसमें जमीनी सैनिक, हवाई सैनिक, विशेष अभियान और अन्य वर्दीधारी कर्मी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने जब युद्ध करने की योजना बनाई तो उसने सैनिकों की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया। इसके लिए उसने कई घोषणाएं कीं। 

80 दिनों के युद्धविराम के बाद फिर जंग शुरू

गौरतलब है, हाल ही में करीब 80 दिनों के युद्धविराम के बाद रूस ने फिर से यूक्रेन पर जोरदार हमला कर दिया था। बता दें कि बीते 79 दिनों से दोनों देशों के बीच अनौपचारिक शांति थी लेकिन नौ दिसंबर को यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला हुआ। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्री ने बताया था कि कीव पर करीब दो घंटे तक हवाई हमले हुए। हालांकि, कीव के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक कई मिसाइलों को रास्ते में ही नेस्तानाबूत कर दिया, जिससे कीव में काफी कम नुकसान हुआ। 

रूसी हमले में दो यूक्रेनी नागरिकों की हुई थी मौत

वहीं यूक्रेन के केंद्रीय क्षेत्र में भी रूसी मिसाइलों ने हमला किया गया था। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और चार अन्य घायल हुए थे। साथ ही खारकीव क्षेत्र में हुए हमले में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस दौरान एक रिहायशी इमारत को भी भारी नुकसान हुआ, जिसमें कई मकान और कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना था कि रूस ने एस-300 मिसाइलों से हमला किया। 

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