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सच्चिदानंद/पटना. राजधानी पटना की आबो हवा में क्रिकेट का रंग में घुल चुका है. एक अर्से बाद पटना की धरती पर क्रिकेट का बड़ा मुकाबला हो रहा है. जहां अंजिक्य रहाणे, शिवम दुबे जैसे चर्चित खिलाड़ियों को देखने का मौका मिल रहा है. दरअसल, पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में बिहार और मुम्बई के बीच रणजी के एलिट ग्रुप का मैच चल रहा है. बिहार पहली बार एलिट ग्रुप में पहुंचा है. इसीलिए पटना वासियों का जोश भी हाई है. एलिट ग्रुप बिहार के इस 15 सदस्यीय टीम में एक ऐसा खिलाड़ी जिसने इंजीनियरिंग छोड़ क्रिकेटर बनने का सपना देखा और आज इस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.
मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड अंतर्गत अंजना कोट के रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवार के रवि शंकर का चयन बतौर तेज गेंदबाज रणजी के 15 सदस्यीय टीम में हुआ है. हालांकि अभी प्लेइंग 11 में उनको मौका नहीं मिला. पर इनकी कहानी दिलचस्प है.
इंजीनियरिंग छोड़ बने क्रिकेटर
रवि शंकर के पिता दिलीप कुमार सिंह एक व्यवसाई हैं. पिता दिलीप बताते हैं कि रवि को बचपन से ही क्रिकेट से बड़ा लगाव था. गांव की गली मोहल्ले में खेला करता था. पहली बार स्कूल की तरफ से किसी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया. जिसमें इसका प्रर्दशन काफी अच्छा रहा. उसके बाद खेलने का सिलसिला चलता रहा. शुरुआत में यह किसी ने नहीं सोचा था कि क्रिकेट में भी भविष्य बनाया जा सकता है. इसीलिए बारहवीं करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के लिए नोएडा चला गया. कॉलेज के दिनों में ही क्रिकेट को लेकर रुझान काफी बढ़ा और लगातार बेहतर प्रर्दशन करने लगे.
वहीं रवि ने ठान लिया कि अब सारा जीवन क्रिक्रेट को ही समर्पित कर देना है. इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद वापस पटना आ गए और यहीं क्रिकेट एकेडमी में सीखने लगे. रात दिन की कड़ी मेहनत के बाद 2023 में विजय हजारे ट्रॉफी के लिए चयन हुआ. जिसमें शानदार प्रर्दशन के बाद इस बार रणजी टीम का हिस्सा बन गए. हालांकि मुम्बई के खिलाफ अभी प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला, लेकिन जब मिलेगा तब पूरा भरोसा है कि अपने प्रर्दशन से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित जरुर करेगा.
भुवनेश्वर कुमार को मानते हैं अपना आदर्श
रवि के पसंदीदा बॉलर भुवनेश्वर कुमार हैं. उन्होंने भुवी के साथ प्रैक्टिस भी की है. उन्हें अपना आदर्श भी मानते हैं. भुवनेश्वर की तरह रवि भी अपने डेब्यू की पहली गेंद पर विकेट लेने का सपना आंखों में सजाए मौके का इंतजार कर रहे हैं. आपको बता दें कि रवि में खास बात यह है कि वह लगातार एक लेंथ पर गेंदबाजी कर सकते हैं.
रवि के कोच जयप्रकाश बताते हैं कि वह शुरू से तेज खिलाड़ी रहा है. उसकी बॉलिंग में काफी स्पीड है. मुम्बई के खिलाफ भले ही मौका नहीं मिला हो लेकिन जब मिलेगा तब वो छा जायेगा.
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Tags: Bhuvneshwar kumar, Bihar News, Cricket news, Local18, Ranji Trophy
FIRST PUBLISHED : January 7, 2024, 07:22 IST
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