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सीजीएचएस
– फोटो : amarujala.com
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से 28 मार्च को जारी कार्यालय ज्ञापन, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। वजह, उस ज्ञापन में कहा गया था कि सीजीएचएस आईडी कार्ड को भारत सरकार के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (एबीएचए) से जोड़ा जाएगा। इस कार्ड को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से 30 दिन के भीतर लिंक करना होगा। इसके बाद कर्मियों को ऐसी आशंका होने लगी कि देर-सवेर सरकार, सीजीएचएस को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। जो कर्मचारियों और पेंशनरों को सीजीएचएस से दूर कर सकती है।
सरकारी कर्मियों के लिए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा खत्म हो सकती है। स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) की स्टेंडिंग कमेटी के सदस्य और अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी. श्रीकुमार ने पिछले सप्ताह इस बाबत ‘स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय’ के सचिव को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कर्मचारी संगठनों और जेसीएम ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का समर्थन नहीं किया है।
कर्मियों से सलाह लेना भी जरूरी नहीं समझा
श्रीकुमार ने अपने पत्र में लिखा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय का यह निर्णय कि अब सीजीएचएस आईडी कार्ड को भारत सरकार के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (एबीएचए) से जोड़ना होगा, हैरान करने वाला है। इस निर्णय से केंद्र सरकार के कर्मचारी सकते में आ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसा निर्णय लेने से पहले केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) की स्टेंडिंग कमेटी की सलाह लेना भी जरूरी नहीं समझा। हालांकि इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अधिकारी ने कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि को सूचित किया है कि सीजीएचएस आईडी कार्ड को भारत सरकार के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (एबीएचए) से जोड़ना यह अनिवार्य नहीं है। यह निर्णय एक विकल्प के तौर पर रहेगा।
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