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Lok Sabha Election 2024: पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे बोले- चुनावों के बाद समाप्त हो जाएगी उद्धव की शिवसेना

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Lok Sabha Election 2024: पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे बोले- चुनावों के बाद समाप्त हो जाएगी उद्धव की शिवसेना

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Lok Sabha Election 2024: Former Chief Minister Narayan Rane said Uddhav's Shiv Sena will end after the electio

नारायण राणे से खास बातचीत।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और भाजपा अपनी प्रचंड जीत के दावे कर रही है। लेकिन महाराष्ट्र में उसकी जीत की राह में कुछ रोड़े दिखाई पड़ रहे हैं। महाराष्ट्र में भाजपा कितनी सीटों पर जीत हासिल कर सकती है, यह जानने के लिए हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की, जो इस समय रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार भी हैं। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश- 

प्रश्न- आपका चुनाव कैसा चल रहा है? 

उत्तर- बहुत जबरदस्त। बहुत शानदार तैयारियां चल रही हैं। जनता का पूरा साथ मिल रहा है। हमने काम किया है, अपने काम के दम पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर जनता से वोट मांग रहे हैं। सच कहूं तो वोट मांगने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है। जनता खुद हमारे साथ है। पूरी तरह से एकतरफा जीत मिलने का पूर्ण विश्वास है। विपक्ष पूरे मैदान से गायब है। 

प्रश्न- सिंधुदुर्ग का इलाका तो आपका है, वहां आपकी जबरदस्त पकड़ भी है, लेकिन रत्नागिरी में पुरानी शिवसेना का खास असर रहा है। शरद पवार भी इस इलाके में अपना असर दिखाते रहे हैं। क्या उनके कारण आपको कोई नुकसान हो सकता है? 

उत्तर- बिल्कुल नहीं। बाला साहेब ठाकरे के साथ ही पुरानी शिवसेना समाप्त हो चुकी है। अब जो असली शिवसेना है, वह हमारे साथ है। एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री के रूप में पूरी मजबूती से हमारे साथ खड़े हैं। इसलिए कोई नुकसान नहीं होगा। शरद पवार साहब के कारण भी हमें कोई नुकसान नहीं होने वाला है। 

प्रश्न- कुछ लोग कहते हैं कि बाला साहब ठाकरे की राजनीतिक विरासत संभालने के कारण उद्धव ठाकरे को सहानुभूति का लाभ मिल सकता है। आपको क्या आपको लगता है? 

उत्तर- सहानुभूति का लाभ किसे मिलता है और क्यों मिलता है? उद्धव ठाकरे ने क्या बाला साहब के सिद्धांतों के अनुसार हिंदुत्व का झंडा बुलंद किया? क्या उन्होंने मुख्यमंत्री पद की लालच में उन्हीं लोगों से हाथ नहीं मिला लिया, जिनके खिलाफ बाला साहब पूरी जिंदगी राजनीति करते रहे? क्या उन्होंने बालासाहेब की आत्मा को चोट नहीं पहुंचाई? क्या उन्होंने वादाखिलाफी नहीं की? आखिर जनता उन्हें सहानुभूति का लाभ क्यों दे? उन्होंने (उद्धव ठाकरे) बालासाहेब के सिद्धांतों के साथ समझौता किया। उन्होंने शिव सैनिकों की आत्मा के साथ छल किया। असली शिव सैनिक हम लोग थे। हमने 39 साल शिवसेना में रहने के बाद पार्टी छोड़ी। इसलिए उन्हें सहानुभूति का कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। यह केवल मीडिया के बीच चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन जनता के बीच जनता के मन में उद्धव ठाकरे के लिए कहीं कोई सहानुभूति नहीं है। 

      

प्रश्न- इस लोकसभा चुनाव के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की राजनीति का क्या भविष्य देखते हैं? 

उत्तर- उद्धव ठाकरे के पास इस समय पांच सांसद हैं। चुनाव के बाद एक भी सांसद उनके पास नहीं रहने वाले हैं। उनका कोई भी सांसद जीतकर नहीं आने वाला है। अभी उनके पास 5-6 विधायक हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव जब होगा, तब आप देखेंगे कि उनके पास एक-दो विधायक ही रह जाएंगे। ऐसे में आपको क्या लगता है शिवसेना बची रह जाएगी? चुनाव के बाद शिवसेना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और यह काम करने की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे पर ही है। वह जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं, वह बर्दाश्त नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री के लिए जिस तरह के अपशब्दों का उपयोग कर रहे हैं, उसे हम कतई स्वीकार नहीं करेंगे। मैं उद्धव ठाकरे के खिलाफ निजी तौर पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यदि वे हमारे नेता, हमारे प्रधानमंत्री को गाली देंगे, तो हमें उसका जवाब देना पड़ेगा। 

प्रश्न- राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव में बड़ा बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा संविधान बदल देगी, आरक्षण खत्म कर देगी। आप क्या कहेंगे? 

उत्तर- इस देश की जनता बहुत समझदार है। उसने देखा है कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में 80 से ज्यादा बार संविधान में बड़े बदलाव किए हैं। कांग्रेस के काल में संविधान की प्रस्तावना तक से छेड़छाड़ की गई, जबकि पिछले 10 साल के शासन में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने संविधान के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है। उन्होंने ओबीसी समुदाय का अधिकार मुस्लिम समुदाय के लोगों को आरक्षण के रूप में दे दिया है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने ओबीसी आयोग बनाकर, एससी-एसटी के आरक्षण को मजबूती देने का काम किया है। इसलिए यह सब आरोप बिल्कुल निराधार हैं। जनता भी यह जानती है कि इस तरह की आरोपों में कितनी सच्चाई है? राहुल गांधी और कांग्रेस इस तरह के आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। 

प्रश्न- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में मुस्लिम लीग की छाप है। आप क्या कहेंगे? 

उत्तर- जब प्रधानमंत्री ने कोई बात कही है, तब उसके बाद उसमें मेरी टिप्पणी करने के लिए क्या बचता है। प्रधानमंत्री जी ने जो कहा है, वह सही कहा है। इससे ज्यादा इस मुद्दे पर मैं कुछ नहीं कहूंगा। 

      

प्रश्न- आपने विकास और रोजगार के मुद्दे से चुनाव लड़ने की शुरुआत की थी। अब यह चुनाव हिंदू-मुसलमान और आरक्षण के मुद्दे पर सिमटता दिखाई पड़ रहा है। आप क्या कहेंगे?

उत्तर- हमारे नेता ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जब अपनी राजनीति की शुरुआत की थी, तब से प्रधानमंत्री के रूप में 10 साल काम करने तक उन्होंने पूरे देश की जनता के विकास की बात की है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ को उन्होंने अपना मंत्र बनाया है। इसी को लेकर वे देश को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं। आज भी वे ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ लेते हुए देश को 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं। हमने 10 साल काम किया है, हम काम के मुद्दे पर जनता से वोट मांग रहे हैं। लेकिन विपक्ष इसमें हिंदू-मुसलमान और आरक्षण खत्म करने जैसे बेसिर पैर के मुद्दे लाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उसकी कोशिश कामयाब नहीं होगी, हम 400 पार करेंगे। 

   

प्रश्न- चुनाव में मतदान प्रतिशत कम होता दिखाई पड़ रहा है। इसका किसे नुकसान हो सकता है? आप अपने लोकसभा क्षेत्र रत्नागिरी सिंधुदुर्ग की जनता को क्या संदेश देंगे?

उत्तर- कोई नुकसान की बात नहीं है। प्रधानमंत्री जी कह चुके हैं कि पहले दो चरण के चुनाव के बाद ही विपक्ष हताश होता दिखाई पड़ रहा है। मैं जनता से यही अपील करूंगा कि वह बाहर निकले, वोट करे और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाए। 

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