Home Breaking News Terror Attack: चीन की बनाई टनल से घाटी में घुसे आतंकी! तीन महीनों में घुसपैठ के लिए ऐसे की पाकिस्तान की मदद

Terror Attack: चीन की बनाई टनल से घाटी में घुसे आतंकी! तीन महीनों में घुसपैठ के लिए ऐसे की पाकिस्तान की मदद

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Terror Attack: चीन की बनाई टनल से घाटी में घुसे आतंकी! तीन महीनों में घुसपैठ के लिए ऐसे की पाकिस्तान की मदद

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Terrorists entered the valley through a tunnel built by China! Such help to Pakistan in three months

चीन पाकिस्तान ग्राफिक्स
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार


पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की ओर से घाटी में लगातार की जाने वाली वारदात में चीन का बड़े स्तर पर नाम सामने आ रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक बॉर्डर पर चीनी सेना की ओर से कई ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं, जो अब आतंकियों की घुसपैठ में मदद कर रहे हैं। सूचना इस बात की भी मिली है कि बीते तीन वर्षों से पाकिस्तान में ग्वादर रोड के निर्माण के दौरान बॉर्डर पर चीन की मदद से कई टनल तैयार की गईं हैं। जिनके माध्यम से पाकिस्तान अब अपने आतंकियों को घाटी में भेजने की नापाक कोशिश करने में लगा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में घाटी में जो घटनाएं हो रही हैं, उसमें ऐसे ही इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से घुसपैठ की तैयारियां हुईं हैं।

चीन की मदद से घुसपैठ की कोशिश में पाकिस्तान

केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान, चीन की मदद से घुसपैठ की कोशिश में लगा है। चीनी इंजीनियर और पाकिस्तान की सेना के साथ आईएसआई बॉर्डर पर बंकर का निर्माण करवा रही है। इसके अलावा कई और सैन्य बुनियादी ढांचे भी चीन की सेना के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मताबिक पीओके की लीपा घाटी के भीतर चीनी इंजीनियर कुछ बड़े निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। जानकारी मिली है कि इसमें कुछ बंकर तैयार किए जा रहे हैं। जबकि कुछ ऐसी सुरंगें बनाई जा रहीं हैं, जो काराकोरम नेशनल हाइवे से सीधे तौर पर जुड़ सकें। सूत्रों के मुताबिक वैसे तो यह निर्माण काफी समय से चल रहा है। इस दौरान कुछ ऐसे बंकर तैयार किए गए हैं, जो पाकिस्तान सेना की थोड़ी सी मेहनत के बाद घाटी के भीतर खुल सकें।

इन माध्यमों से घुसपैठ की कोशिश- सूत्र

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक घाटी के भीतर जिस तरीके से घुसपैठ की बात सामने आ रही है, उसमें यही इंफ्रास्ट्रक्चर मददगार बन रहा है। हालांकि घाटी में मौजूद सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस तरीके की किसी भी घुसपैठ को कामयाब नहीं होने दिया जा रहा है। लेकिन पाकिस्तानी सेना लगातार इन माध्यमों से ही आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में लगी है। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान को चीन की ओर से मिल रही इस मदद के बारे में पहले से जानकारी थी। इसलिए उन सभी जगह पर पहले से मुस्तैदी भी की जा रही है, जहां से किसी भी तरीके से कोई भी घुसपैठ की आशंका है। 

पाकिस्तान ने बनाई है ऐसी योजना- सूत्र

हालांकि खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान ने घुसपैठ के लिए सिर्फ सुरंगों और बंकर का ही रास्ता नहीं ढूंढा  बल्कि कुछ नदियों और पहाड़ी नालों के माध्यम से आतंकियों के घुसपैठ की योजना बनाई है। एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक कठुआ-सांबा (दोनों के बीच की दूरी 45 किमी) की सरहद पर बेई नाले से पाकिस्तान समर्थित आतंकी घुसपैठ की कोशिश करते हैं। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक कुछ नाले और दरिया ऐसे हैं, जो हाईवे से दूर होने और जंगल में खुलने के कारण आतंकियों को मौका देते हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की चाक चौबंद निगरानी के चलते इन आतंकियों को मार गिराया जाता है। हालांकि खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें, तो इस बार पाकिस्तान ने चीन की व्यापक मदद से बड़ी घुसपैठ की तैयारी की है, जो नाकाम ही साबित हो रही है।

बॉर्डर पर भूमिगत फाइबर ऑप्टिक बिछाने का काम

केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मताबिक पाकिस्तान ने चीन की मदद से बॉर्डर पर अपने कम्युनिकेशन नेटवर्क को भी बहुत मजबूत करने के सभी इंतजाम किए हैं। इस दौरान चीनी इंजीनियरों की मदद से पाकिस्तान ने बॉर्डर पर भूमिगत फाइबर ऑप्टिक बिछाने का काम शुरू किया है। इसके अलावा इस इलाके में चीन के जेवाई और एचजीआर सीरीज के रडार पर स्थापित किए हैं। चाइना मोबाइल पाकिस्तान कम्युनिकेशन कॉरपोरेशन (सीएम-पैक) का भी गठन कर अपने नेटवर्क को एलओसी पर मजबूत करने की तैयारी की है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऐसा करके चीन पाकिस्तान की न सिर्फ भारत के खिलाफ रची जाने वाली साजिश में मदद कर रहा है, बल्कि भारत में पाकिस्तानी घुसपैठ को सपोर्ट भी कर रहा है।





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