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चीन पाकिस्तान ग्राफिक्स
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की ओर से घाटी में लगातार की जाने वाली वारदात में चीन का बड़े स्तर पर नाम सामने आ रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक बॉर्डर पर चीनी सेना की ओर से कई ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं, जो अब आतंकियों की घुसपैठ में मदद कर रहे हैं। सूचना इस बात की भी मिली है कि बीते तीन वर्षों से पाकिस्तान में ग्वादर रोड के निर्माण के दौरान बॉर्डर पर चीन की मदद से कई टनल तैयार की गईं हैं। जिनके माध्यम से पाकिस्तान अब अपने आतंकियों को घाटी में भेजने की नापाक कोशिश करने में लगा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में घाटी में जो घटनाएं हो रही हैं, उसमें ऐसे ही इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से घुसपैठ की तैयारियां हुईं हैं।
चीन की मदद से घुसपैठ की कोशिश में पाकिस्तान
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान, चीन की मदद से घुसपैठ की कोशिश में लगा है। चीनी इंजीनियर और पाकिस्तान की सेना के साथ आईएसआई बॉर्डर पर बंकर का निर्माण करवा रही है। इसके अलावा कई और सैन्य बुनियादी ढांचे भी चीन की सेना के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मताबिक पीओके की लीपा घाटी के भीतर चीनी इंजीनियर कुछ बड़े निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। जानकारी मिली है कि इसमें कुछ बंकर तैयार किए जा रहे हैं। जबकि कुछ ऐसी सुरंगें बनाई जा रहीं हैं, जो काराकोरम नेशनल हाइवे से सीधे तौर पर जुड़ सकें। सूत्रों के मुताबिक वैसे तो यह निर्माण काफी समय से चल रहा है। इस दौरान कुछ ऐसे बंकर तैयार किए गए हैं, जो पाकिस्तान सेना की थोड़ी सी मेहनत के बाद घाटी के भीतर खुल सकें।
इन माध्यमों से घुसपैठ की कोशिश- सूत्र
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक घाटी के भीतर जिस तरीके से घुसपैठ की बात सामने आ रही है, उसमें यही इंफ्रास्ट्रक्चर मददगार बन रहा है। हालांकि घाटी में मौजूद सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस तरीके की किसी भी घुसपैठ को कामयाब नहीं होने दिया जा रहा है। लेकिन पाकिस्तानी सेना लगातार इन माध्यमों से ही आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में लगी है। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान को चीन की ओर से मिल रही इस मदद के बारे में पहले से जानकारी थी। इसलिए उन सभी जगह पर पहले से मुस्तैदी भी की जा रही है, जहां से किसी भी तरीके से कोई भी घुसपैठ की आशंका है।
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