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लोकसभा
– फोटो : एएनआई
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भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को लोकसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर लगातार सियासी विवाद बना हुआ है। कांग्रेस और केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन लगातार इस नियुक्ति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बढ़ते विरोध को देखते हुए भाजपा ने भी कांग्रेस को सलाह दे दी थी कि वह अपने सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाए। हालांकि इन सबके बीच अब नया विवाद शुरू हो गया है। सूत्रों का कहना है कि प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए चुने गए विपक्षी नेता पदों को स्वीकार नहीं करने पर विचार कर रहे हैं।
नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पहले से ही विपक्षी दल प्रोटेम स्पीकर के रूप में भर्तृहरि महताब को चुने जाने पर आपत्ति जता रहे हैं।
यह लोग शामिल
गौरतलब है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 95(1) के तहत भाजपा सांसद को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए सुरेश कोडिकुन्नील, थलिककोट्टई राजुथेवर बालू, राधामोहन सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते और सुदीप बंदोपाध्याय को भी नियुक्त किया है। भर्तृहरि महताब लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होने तक पीठासीन अधिकारी के रूप में कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
बता दें, 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होगा। नवनिर्वाचित सदस्य 24-25 जून को शपथ लेंगे। इसके बाद 26 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
विपक्षी दलों के सूत्रों ने बताया कि प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए नियुक्त किए गए तीन विपक्षी सांसद कांग्रेस नेता के सुरेश, टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और डीएमके नेता टीआर बालू पैनल का हिस्सा न होने पर विचार कर रहे हैं।
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