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आइए जानते हैं कि आजादी के बाद से नौसेना के ध्वज में कितना बदलाव हुआ और इसके मायने क्या हैं?
कब कब बदला नेवी का ध्वज
26 जनवरी 1950 को रॉयल इंडियन नेवी में से रॉयल शब्द को हटाया गया। इसे केवल इंडियन नेवी के नाम से जाना जाने लगा। आजादी के पहले तक नौसेना के ध्वज में ऊपरी कोने में ब्रिटिश झंडा बना रहता था। जिसकी जगह तिरंगे को जगह दी गई। इसके अलावा क्रॉस का चिन्ह भी था। ध्वज में बना क्रॉस सेंट जार्ज का प्रतीक था।
दूसरी बार भारतीय नौसेना के ध्वज को साल 2001 में बदला गया था। उस वक्त सफेद झंडे के बीच में जॉर्ज क्रॉस को हटाकर नौसेना के एंकर को जगह दी गई थी। ऊपरी बाएं कोने पर तिरंगे को बरकार रखा गया था। नौसेना के ध्वज में बदलाव की मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसमें बदलाव के लिए मूल सुझाव वाइस एडमिरल वीईसी बारबोजा की ओर से आया था।
हालांकि 2004 में ध्वज और निशान में फिर से बदलाव किया गया। ध्वज में फिर से रेड जॉर्ज क्रॉस को शामिल कर लिया गया। तब कहा गया कि नीले रंग के कारण निशान स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। नए बदलाव में लाल जॉर्ज क्रॉस के बीच में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को शामिल किया गया था।
2014 में फिर से इसमें बदलाव हुआ। तब देवनागरी भाषा में राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे सत्यमेव जयते लिखा गया। अब इसमें फिर से बदलाव किया गया है। एक बार फिर से ध्वज से रेड जॉर्ज क्रॉस (लाल रंग की दो पट्टियां) को हटा दिया गया है। इसके साथ ही नेवी का चिह्न इसमें शामिल किया गया है। नए चिह्न में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को शामिल किया गया है। इसमें शेर को दहाड़ते हुए दिखाया गया है। नीचे शं नो वरुण: लिखा गया है। इसका मतलब है जल के देवता वरुण हमारे लिए मंगलकारी रहें।
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