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Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक प्रासंगिक हो गए हैं राज ठाकरे, अमित शाह कर सकते हैं मुलाकात

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Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक प्रासंगिक हो गए हैं राज ठाकरे, अमित शाह कर सकते हैं मुलाकात

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शिवसेना में ऐतिहासिक फूट के बाद राजनीतिक तौर पर कमजोर हो चुके उद्धव ठाकरे के सितारे गर्दिश में हैं। इन सब के बीच उनके चचेरे भाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे सूबे की राजनीति में अचानक प्रासंगिक हो गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी राज ठाकरे के आवास पर जाकर मिल चुके हैं। इसके बाद अब चर्चा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी राज ठाकरे से मिल सकते है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पांच सितंबर को मुंबई आ रहे हैं। इस दौरान वे लालबाग के राजा के दर्शन करेंगे। मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार के बुलावे पर मुंबई में गणपति के दर्शन करने आ रहे शाह उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के घर भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा और मनसे दोनो दल के नेताओं की तरफ से राज ठाकरे की अमित शाह से मुलाकात के प्रयास किए जा रहे हैं। 

वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुंबई दौरे पर आ रहे केंद्रीय गृहमंत्री किससे मिलेंगे? इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकते हैं। राज ठाकरे से हमारे मित्रवत संबंध हैं, लेकिन बीएमसी चुनाव शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा मिलकर लड़ेगी। 

साल 2017 में भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के बाद अमित शाह मुंबई आए थे और आर्थिक राजधानी के सबसे चर्चित गणपित लालबाग के राजा के दर्शन किए थे। उसके बाद वे हर साल गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में गणपति के दर्शन के लिए आते रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी के कारण शाह इस बार दो साल के अंतराल पर मुंबई आ रहे हैं। 

सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद शिंदे, फड़णवीस और बावनकुले सहित कई नेताओं ने राज ठाकरे से उनके घर जाकर मुलाकात की है। अब राज से शाह के मुलाकात की अटकलें हैं। इससे पता चलता है कि परप्रांतीय विरोध की राजनीति करने वाले राज ठाकरे अब किसी भी पार्टी के लिए अछूत नहीं रहे।

बीएमसी चुनाव के लिए महत्वपूर्ण हैं मनसे
एशिया की वैभवशाली नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में अक्तूबर महीने में चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में शिवसेना (उद्धव गुट) के मराठी मतों की काट के लिए राज ठाकरे सत्ताधारी दल शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हाल के दिनों में हिंदुत्व की राजनीति की ओर लौटने के कारण भाजपा और मनसे के बीच नजदीकी बढ़ी है। भाजपा के चाणक्य अमित शाह मुंबई आने पर बीएमसी चुनाव को लेकर भाजपा के नेताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाएंगे। ऐसे में राज ठाकरे से उनकी संभावित मुलाकात के मायने निकाले जा रहे है।

विस्तार

शिवसेना में ऐतिहासिक फूट के बाद राजनीतिक तौर पर कमजोर हो चुके उद्धव ठाकरे के सितारे गर्दिश में हैं। इन सब के बीच उनके चचेरे भाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे सूबे की राजनीति में अचानक प्रासंगिक हो गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी राज ठाकरे के आवास पर जाकर मिल चुके हैं। इसके बाद अब चर्चा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी राज ठाकरे से मिल सकते है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पांच सितंबर को मुंबई आ रहे हैं। इस दौरान वे लालबाग के राजा के दर्शन करेंगे। मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार के बुलावे पर मुंबई में गणपति के दर्शन करने आ रहे शाह उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के घर भी जाएंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा और मनसे दोनो दल के नेताओं की तरफ से राज ठाकरे की अमित शाह से मुलाकात के प्रयास किए जा रहे हैं। 

वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुंबई दौरे पर आ रहे केंद्रीय गृहमंत्री किससे मिलेंगे? इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकते हैं। राज ठाकरे से हमारे मित्रवत संबंध हैं, लेकिन बीएमसी चुनाव शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा मिलकर लड़ेगी। 

साल 2017 में भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के बाद अमित शाह मुंबई आए थे और आर्थिक राजधानी के सबसे चर्चित गणपित लालबाग के राजा के दर्शन किए थे। उसके बाद वे हर साल गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में गणपति के दर्शन के लिए आते रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी के कारण शाह इस बार दो साल के अंतराल पर मुंबई आ रहे हैं। 

सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद शिंदे, फड़णवीस और बावनकुले सहित कई नेताओं ने राज ठाकरे से उनके घर जाकर मुलाकात की है। अब राज से शाह के मुलाकात की अटकलें हैं। इससे पता चलता है कि परप्रांतीय विरोध की राजनीति करने वाले राज ठाकरे अब किसी भी पार्टी के लिए अछूत नहीं रहे।

बीएमसी चुनाव के लिए महत्वपूर्ण हैं मनसे

एशिया की वैभवशाली नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में अक्तूबर महीने में चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में शिवसेना (उद्धव गुट) के मराठी मतों की काट के लिए राज ठाकरे सत्ताधारी दल शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हाल के दिनों में हिंदुत्व की राजनीति की ओर लौटने के कारण भाजपा और मनसे के बीच नजदीकी बढ़ी है। भाजपा के चाणक्य अमित शाह मुंबई आने पर बीएमसी चुनाव को लेकर भाजपा के नेताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाएंगे। ऐसे में राज ठाकरे से उनकी संभावित मुलाकात के मायने निकाले जा रहे है।

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