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'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- चितचोर, जिसका अर्थ है- चित्त चुराने वाला, प्यारा या प्रिय। प्रस्तुत है शंभुनाथ सिंह की कविता- बगिया में नाचेगा मोर, देखेगा कौन?
बगिया में नाचेगा मोर,
देखेगा कौन?
तुम बिन ओ मेरे चितचोर,
देखेगा कौन?
नदिया का यह नीला जल, रेतीला घाट,
झाऊ की झुरमुट के बीच, यह सूनी बाट,
रह-रहकर उठती हिलकोर,
देखेगा कौन?
आँखड़ियों से झरते लोर,
देखेगा कौन?
बौने ढाकों का यह बन, लपटों के फूल,
पगडंडी के उठते पाँव रोकते बबूल,
बौराए आमों की ओर,
देखेगा कौन?
पाथर-सा ले हिया कठोर,
देखेगा कौन?
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24 minutes ago
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