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इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान की टीम ने सभी को चौंकाया है। टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी मजबूत दिख रही है। वहीं, पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी में काफी जान दिख रही है। स्पिन विभाग में भी टीम मजबूत नजर आ रही है। वहीं, श्रीलंका कुछ एक खिलाड़ियों के असाधारण प्रदर्शन के दम पर सुपर-4 के लिए क्वालिफाई करने में कामयाब हुई। आइए हम सभी टीमों की मजबूती और कमजोरी के बारे में जानते हैं…
मजबूती
अफगानिस्तान की टीम सुपर-4 राउंड के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बनी थी। उसने ग्रुप-स्टेज में लगातार अपने दोनों मैच अच्छे अंतर से जीते। पहले मैच में अफगानिस्तान ने पांच बार की चैंपियन श्रीलंकाई टीम को आठ विकेट से हराया। वहीं, दूसरे मैच में बांग्लादेश को सात विकेट से पटखनी दी। अफगानिस्तान के पास कुछ विश्व स्तरीय गेंदबाज मौजूद हैं, जिनसे पार पाना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा। अफगानिस्तान की स्पिन गेंदबाजी सुपर-4 में पहुंचने वाली बाकी सभी टीमों से ज्यादा मजबूत है।
मुजीब उर रहमान, राशिद खान और मोहम्मद नबी ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। मुजीब पावरप्ले में विकेट चटका रहे हैं, तो बीच के ओवरों में राशिद और नबी यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन भी शानदार रहा था। इस टूर्नामेंट में अब तक मुजीब ने पांच, राशिद ने चार और नबी ने दो विकेट चटकाए हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फजलहक फारुकी ने भी तीन विकेट चटकाए हैं।
बल्लेबाजी की बात करें तो श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने एकतरफा जीत दिलाई थी। हालांकि, बांग्लादेश के खिलाफ कुछ अच्छे गेंदबाजों के सामने अफगानिस्तान के बल्लेबाज दबाव में चले गए थे। हालांकि, नजीबुल्लाह जादरान ने मैच विनिंग पारी खेलते हुए अफगानिस्तान को जीत दिलाई थी। ऐसे में विपक्षी टीमों को अफगानिस्तान के स्पिनर्स और बल्लेबाजों से बचकर रहने की जरूरत होगी।
कमजोरी
अफगानिस्तान ने अब तक जिन टीमों के खिलाफ मैच खेला है, वह बड़ी टीमें नहीं हैं। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में शाकिब अल हसन और मेंहदी हसन जैसे गेंदबाजों के आगे अफगानिस्तान के बल्लेबाज दबाव में चले गए थे। 128 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम 18.3 ओवर में जाकर जीत पाई थी। एक वक्त 14 ओवर में अफगानिस्तान ने तीन विकेट पर 65 रन बनाए थे।
ऐसे में भारत और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अफगानिस्तान के बल्लेबाजों की असली परीक्षा होगी। वहीं, श्रीलंका के खिलाफ मैच को छोड़कर अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजी भी कुछ खास नहीं रही है। भारत और पाकिस्तान जैसी अपेक्षाकृत मजबूत टीमें अफगानिस्तान पर दबाव बना सकती हैं।
अफगानिस्तान की टीम
मोहम्मद नबी (कप्तान), नजीबुल्लाह जादरान, अफसर जजई, अजमतुल्लाह ओमरजई, फरीद अहमद मलिक, फजलहक फारूकी, हशमतुल्ला शाहिदी, हजरतुल्लाह जजई, इब्राहिम जादरान, करीम जनत, मुजीब उर रहमान, नजीबुल्लाह जादरान, नूर उल अहमद, रहमानुल्ला गुरबाज, राशिद खान, समीउल्लाह शिनवारी।
रिजर्व खिलाड़ीः निजात मसूद, कैस अहमद, शराफुद्दीन अशरफ।
मजबूती
भारतीय टीम ने एशिया कप 2022 में अब तक अपने दोनों मैच जीते हैं। पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को पांच विकेट से और दूसरे मुकाबले में हॉन्गकॉन्ग को 40 रन से हराया था। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अपने कुछ एक मुख्य गेंदबाजों के बिना उतरी है। टीम में न तो जसप्रीत बुमराह हैं और न ही हर्षल पटेल। इसके बावजूद गेंदबाजी में अब तक प्रदर्शन ठीक ही रहा है।
जिस पाकिस्तान से भारत 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में 10 विकेट से हारा था, उस पाकिस्तान को बिना बुमराह और हर्षल के इस बार टीम इंडिया ने 147 रन पर समेट दिया। भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पांड्या का अनुभव टीम इंडिया के काफी काम आया था। वहीं, युवा अर्शदीप ने भी अच्छी गेंदबाजी की थी। सुपर-4 राउंड में भी इन तीनों पर ही भारत की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, स्पिन में रवींद्र जडेजा और युजवेंद्र चहल ने अब तक किफायती गेंदबाजी की है।
हालांकि, जडेजा चोटिल होने की वजह से बाहर हो चुके हैं और अक्षर पटेल को टीम में लाया गया है। अक्षर भी टी-20 के शानदार गेंदबाज हैं और सामने वाली टीमों के लिए उनको खेलना आसान नहीं होगा। वहीं, बल्लेबाजी में विराट कोहली, हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव शानदार फॉर्म में हैं। लोअर ऑर्डर में दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत की मौजूदगी किसी भी विपक्षी टीम के लिए खतरा है। रोहित शर्मा को शुरुआत तो मिल रही, लेकिन वह उसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए हैं।

कमजोरी
भारतीय टीम में आवेश खान अब तक की कमजोर कड़ी दिखे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनसे सिर्फ दो ओवर गेंदबाजी कराई गई थी। इसमें उन्होंने दो ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिया था। वहीं, हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ दूसरे मैच में आवेश ने चार ओवर में 50 से ज्यादा रन लुटा दिए थे। ऐसे में सुपर-4 में भारत को अगर अच्छा करना है तो आवेश को अच्छी गेंदबाजी करनी होगी।
इसके अलावा भारत को टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी भी सुधारनी होगी। कोहली ने हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन वह पूरी तरह से अपने रंग में नहीं लौटे हैं। हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ कोहली की पारी धीमी रही थी। वहीं, केएल राहुल दो मैचों में बिलकुल आउट ऑफ टच दिखे हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ राहुल शून्य पर और हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ 39 गेंदों में 36 रन बनाकर आउट हुए थे। पहले टी-20 में टीम इंडिया की मजबूती टॉप-3 बल्लेबाज हुआ करते थे, लेकिन यही पिछले कुछ समय में टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई। भारत को अगर एशिया कप जीतना है तो टॉप-3 बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
भारतीय टीम
रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, आर अश्विन, युजवेंद्र चहल, रवि बिश्नोई, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, आवेश खान।
रिजर्व खिलाड़ीः श्रेयस अय्यर, दीपक चाहर।
मजबूती
पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन अब तक मिलाजुला रहा है। भारत के खिलाफ टीम को हार जरूर मिली, लेकिन उनके गेंदबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा था। भारतीय टीम 148 रन का पीछा करते हुए भी जूझ रही थी। ऐसे में पाकिस्तान की गेंदबाजी बेहद मजबूत नजर आ रही है। हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ दूसरे मैच को पाकिस्तान ने गेंदबाजों के दम पर 155 रन से जीत लिया था।
इस मैच में पाकिस्तानी गेंदबाजों के साथ-साथ बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी शानदार रहा था। रिजवान ने भारत के खिलाफ धीमी मगर उपयोगी 43 रन और हॉन्गकॉन्ग के खिलआफ 57 गेंदों में 78 रन की नाबाद पारी खेली। इसके अलावा फखर जमान भी हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ अच्छे टच में दिखे। उन्होंने 41 गेंदों में 53 रन की पारी खेली। आखिर में खुशदिल शाह ने 15 गेंदों में 35 रन की आक्रामक पारी खेली।
सुपर-4 में पाकिस्तान को अच्छा करना है तो इन बल्लेबाजों को निरंतर रन बनाने होंगे। लोअर ऑर्डर में भी पाकिस्तान के पास कुछ बड़े हिटर्स मौजूद हैं। इनमें इफ्तिखार अहमद, आसिफ अली और शादाब खान शामिल हैं। गेंदबाजी में पाकिस्तान के नसीम शाह का जलवा रहा है। वह अपने स्पीड और स्विंग से लगातार विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं। वहीं, शाहनवाज दहानी भी उनका अच्छा साथ निभा रहे हैं। स्पिन में शादाब और मोहम्मद नवाज भी टीम को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

कमजोरी
पाकिस्तान के कप्तान और ओपनर बाबर आजम अब तक फॉर्म में नहीं दिखे हैं। भारत के खिलाफ पहले मैच में वह 10 रन और दूसरे मैच में नौ रन बनाकर आउट हुए। ऐसे में सुपर-4 में टीम को अच्छा करना है तो बाबर को रन बनाने होंगे।
इसके अलावा भारत की मजबूत बॉलिंग लाइन अप के आगे पाकिस्तान का मिडिल ऑर्डर एक्सपोज हो गया था। सुपर-4 में पाकिस्तान के सामने कुछ मजबूत टीमें होंगी। ऐसे में मिडिल ऑर्डर को भी रन बनाना होगा। बाकी गेंदबाजों की तुलना में हारिस रऊफ अब तक कुछ खास फॉर्म में नहीं दिखे हैं। उन्हें अच्छी गेंदबाजी करनी होगी।
पाकिस्तानी टीम
बाबर आजम (कप्तान), शादाब खान, आसिफ अली, फखर जमान, हैदर अली, हारिस रऊफ, इफ्तिखार अहमद, खुशदिल शाह, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद रिजवान, नसीम शाह, हसन अली, शाहनवाज दहानी (चोटिल होकर बाहर), उस्मान कादिर, मोहम्मद हसनैन।
मजबूती
श्रीलंका की टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। पहले मैच में अफगानिस्तान ने टीम को आठ विकेट से धो दिया था। हालांकि, बांग्लादेश के खिलाफ श्रीलंका ने वापसी की और मैच जीतकर सुपर-4 के लिए क्वालिफाई किया। श्रीलंका टीम की मजबूती उनके पास मौजूद ऑलराउंडर्स हैं।
श्रीलंका के पास एक से बढ़कर एक ऑलराउंडर्स हैं। कप्तान दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा, चमिका करुणारत्ने किसी भी वक्त अपने दम पर मैच पलटने की क्षमता रखते हैं। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज कुसाल मेंडिस भी शानदार फॉर्म में हैं। बांग्लादेश के खिलाफ मेंडिस ने शानदार अर्धशतक लगाया था। मिस्ट्री स्पिनर हसरंगा का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है।

कमजोरी
श्रीलंका की कमजोरी उनकी बैटिंग लाइन अप है। मेंडिस और शनाका को छोड़कर श्रीलंका का कोई बल्लेबाज फॉर्म में नहीं है। पाथुम निसांका, चरिथ असलंका, भानुका राजपक्षा समेत सभी बल्लेबाज आउट ऑफ फॉर्म हैं और खराब शॉट खेलकर विकेट गंवा रहे हैं।
पांच बार की चैंपियन श्रीलंकाई टीम को अगर अच्छा करना है तो उनके बल्लेबाजों को स्कोरबोर्ड पर अच्छा टोटल खड़ा करना होगा। इसके अलावा श्रीलंका की गेंदबाजी अब तक चुनौतीपूर्ण नहीं दिखी है। अफगानिस्तान ने 106 रन का लक्ष्य 10 ओवर में ही हासिल कर लिया था। वहीं, बांग्लादेश ने श्रीलंका के खिलाफ 183 रन बना दिए थे। ऐसे में श्रीलंकाई गेंदबाजों को रन पर लगाम लगाना होगा।
श्रीलंका टीम
दासुन शनाका (कप्तान), दनुष्का गुणातिलाका, पाथुम निसांका, कुसाल मेंडिस, चरिथ असलंका, भानुका राजपक्षा, आशेन बंडारा, धनंजय डी सिल्वा, वानिंदु हसरंगा, महेश तीक्ष्णा, जेफरी वांडरसे, प्रवीण जयविक्रमा, चमिका करुणारत्ने, दिलशान पथिराना, असिथा फर्नांडो, नुवान तुषारा, दिनेश चांदीमल।
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