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SCO Meeting: चीन तैयार पर जिनपिंग से पीएम मोदी की मुलाकात के लिए उत्साहित नहीं भारत

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SCO Meeting: चीन तैयार पर जिनपिंग से पीएम मोदी की मुलाकात के लिए उत्साहित नहीं भारत

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इस महीने के मध्य में उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन अपने एजेंडे के इतर दूसरे कारणों से चर्चा में है।

तारीखों के एलान के साथ ही सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ से संभावित मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। चीन ने इस मुलाकात की तैयारी भी शुरू कर दी है लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पिछले दो साल से जारी विवाद के चलते भारत का रुख ठंडा है।

इस बार के एससीओ सम्मेलन का एजेंडा क्षेत्रीय शांति, महिला सशक्तीकरण, गरीबी उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा है। हालांकि, एजेंडे के इतर मोदी-जिनपिंग और मोदी-शाहबाज की मुलाकात के कयास लगाए जा रहे हैं।

जी-20 ज्यादा मुफीद
एससीओ के इतर भारत के लिए इसी साल नवंबर में इंडोनेशिया में होने वाली जी-20 की बैठक मोदी-जिनपिंग मुलाकात के लिए ज्यादा मुफीद है। भारत एससीओ में चीन से दूरी बनाकर उसे फिर से सख्त संदेश दे सकता है। इसके बाद अपने सख्त रुख पर चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर सकता है।

पाक के रुख पर भी नाराजगी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भले ही बाढ़ के संदर्भ में पीएम मोदी ने पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ को भेजे संदेश के जरिये सहानुभूति जताई हो, मगर एससीओ सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना नहीं है।

विस्तार

इस महीने के मध्य में उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन अपने एजेंडे के इतर दूसरे कारणों से चर्चा में है।

तारीखों के एलान के साथ ही सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ से संभावित मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। चीन ने इस मुलाकात की तैयारी भी शुरू कर दी है लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पिछले दो साल से जारी विवाद के चलते भारत का रुख ठंडा है।

इस बार के एससीओ सम्मेलन का एजेंडा क्षेत्रीय शांति, महिला सशक्तीकरण, गरीबी उन्मूलन और खाद्य सुरक्षा है। हालांकि, एजेंडे के इतर मोदी-जिनपिंग और मोदी-शाहबाज की मुलाकात के कयास लगाए जा रहे हैं।

जी-20 ज्यादा मुफीद

एससीओ के इतर भारत के लिए इसी साल नवंबर में इंडोनेशिया में होने वाली जी-20 की बैठक मोदी-जिनपिंग मुलाकात के लिए ज्यादा मुफीद है। भारत एससीओ में चीन से दूरी बनाकर उसे फिर से सख्त संदेश दे सकता है। इसके बाद अपने सख्त रुख पर चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर सकता है।

पाक के रुख पर भी नाराजगी

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भले ही बाढ़ के संदर्भ में पीएम मोदी ने पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ को भेजे संदेश के जरिये सहानुभूति जताई हो, मगर एससीओ सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना नहीं है।

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