Home Breaking News देश का सबसे बड़ा चोर: 8000 हजार से अधिक कारें चुराईं, 32 साल पहले इस खेल में किया डेब्यू, FIR में लगा चुका शतक

देश का सबसे बड़ा चोर: 8000 हजार से अधिक कारें चुराईं, 32 साल पहले इस खेल में किया डेब्यू, FIR में लगा चुका शतक

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देश का सबसे बड़ा चोर: 8000 हजार से अधिक कारें चुराईं, 32 साल पहले इस खेल में किया डेब्यू, FIR में लगा चुका शतक

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दिल्ली के मध्य जिला की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने भारत के सबसे बड़े वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान असम निवासी अनिल चौहान (52) के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी अनिल ने खुलासा किया है कि 1990 के दशक से अब तक वह 8000 से भी ज्यादा कारें चोरी कर चुका है। उसके खिलाफ दिल्ली, यूपी, हरियाणा और असम समेत बाकी राज्यों में कुल 181 मामले दर्ज होने का पता चला है। इनमें 146 मामले दिल्ली में ही दर्ज हैं। वाहन चोरी के अलावा अनिल को हथियार और गैंडे के सींग की तस्करी के लिए भी जाना जाता है। साल 2015 में अनिल को असम पुलिस ने तत्कालीन कांग्रेसी विधायक रूमीनाथ के साथ गिरफ्तार किया था।

अपनी राजनीतिक पहुंच की वजह से अनिल असम का क्लास वन सरकारी कांट्रेक्टर भी रहा है। असम में इसने काफी संपत्ति बना ली थी। वर्ष 2015 में प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी अनिल के खिलाफ मामला दर्ज कर इसकी सारी संपत्ति को जब्त कर लिया था। अब पुलिस इससे पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले काफी समय से जिले का स्पेशल स्टाफ हथियारों की तस्करी करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रहा था। इसी कड़ी में इंस्पेक्टर संदीप गोदारा, हवलदार दिलशाद की टीम को सूचना मिली कि वाहन चोर व हथियारों का बड़ा तस्कर अनिल देशबंधु गुप्ता रोड इलाके में आने वाला है। सूचना के बाद फौरान एक टीम का गठन किया गया। आरोपी को 23 अगस्त को देशबंधु गुप्ता रोड इलाके से चोरी की बाइक, एक पिस्टल और दो कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया। बाद में इसकी निशानदेही पर पांच पिस्टल, पांच तमंचे और चोरी की एक कार भी बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली से बारहवीं करने के बाद उसने 1990 के दशक में उसने कारें चोरी करना शुरू कर दिया। पहली कार उसने मारुति 800 चोरी की। इसके बाद लगातार वह दिल्ली से कारें चोरी करने के बाद उनको उत्तर-पूर्वी राज्य ले जाता था। वहां उनकी पहचान मिटाने के बाद उनको बेच दिया जाता था।

वाहन चोरी के साथ-साथ वह हथियारों की तस्करी और गैंडे के सींग व दूसरे जानवरों के अंगों की तस्करी करने लगा। कई बार पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया। कई बार आरोपी पुलिस टीम पर गोली चलाकर फरार भी हुआ। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के एक मामले में आरोपी को पांच साल की सजा भी हुई थी।

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