Home Breaking News Binodiini: इस हीरोइन ने धरा चैतन्य महाप्रभु का ओजस्वी स्वरूप, रंगमंच की महान महिला कलाकार की बायोपिक शुरू

Binodiini: इस हीरोइन ने धरा चैतन्य महाप्रभु का ओजस्वी स्वरूप, रंगमंच की महान महिला कलाकार की बायोपिक शुरू

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Binodiini: इस हीरोइन ने धरा चैतन्य महाप्रभु का ओजस्वी स्वरूप, रंगमंच की महान महिला कलाकार की बायोपिक शुरू

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रुपहले परदे पर किसी असंभव किरदार को निभाने के लिए कलाकार अक्सर चुनौतियां उठाते रहते हैं। इसमें उन्हें तकनीक के निरंतर होते विकास की मदद भी मिलती है। कभी ग्राफिक्स से उनका चेहरा बदल दिया जाता है तो कभी शूटिंग के बाद कलाकार के पीछे दिखने वाला पूरा वातावरण ही कंप्यूटर पर बैठे बैठे रच दिया जाता है। लेकिन अगर किसी अभिनेत्री को चैतन्य महाप्रभु जैसी दिव्यात्मा का किरदार कैमरे के सामने करना हो तो बात मामूली नहीं रह जाती। और, हैरानी इस जानकारी से भी होती है कैमरे के सामने ये होने से पहले ही बंगाल की एक अभिनेत्री ये अद्भुत प्रयोग रंगमंच पर सफलतापूर्वक कर चुकी हैं।

रंगमंच पर चैतन्य महाप्रभु का चरित्र निभाकर दुनिया भर में मशहूर हुईं बंगाल रंगमंच की इन्हीं दिग्गज कलाकार बिनोदिनी दासी की जीवनी अब परदे पर उतरने जा रही है। फिल्म का नाम है, ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ और इसमें अभिनेत्री रुक्मिणी मैत्रा तमाम दूसरे रूप धरने के साथ ही परदे पर चैतन्य महाप्रभु की भूमिका में भी दिखेंगी। इसी भूमिका को बिनोदिनी दासी ने रंगमंच पर निभाया था। रंगमंच पर निभाई इस भूमिका ने बिनोदिनी दासी को नए मकाम तक पहुंचाया था।

फिल्म ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ की कहानी, पटकथा और संवाद लिखने वाली प्रियंका पोद्दार कहती हैं कि वह हमेशा से चाहती थी कि बंगाल के दर्शकों के लिए एक बेहतरीन और दिल छू लेने वाली कहानी लिंखे। इस संगीतमय फिल्म के लिए उन्हें पिछले दो साल से अच्छे बजट की प्रतीक्षा थी और इस दौरान उन्हें रुक्मणी मैत्रा का ही साथ और विश्वास था। प्रियंका के मुताबिक उन्हें पूरा विश्वास था कि बंगाल की दिग्गज अभिनेत्री बिनोदिनी दास के सफर और दर्द को रुक्मणी ही बखूबी एक सूत्र में पिरो सकती हैं।

फिल्म ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ के निर्देशक रामकमल मुखर्जी कहते हैं, ‘रुक्मणी मैत्रा का बिनोदिनी के रूप में चयन करके मुझे बहुत हर्ष हो रहा है। पिछले दो वर्षों से रुक्मणी मौन रहकर फिल्म से जुड़ी हैं और इसमें अभिनय कर रही हैं। उन्होंने उस समय के शास्त्रीय नृत्य को सीख कर और उस काल में स्त्रियों की दशा और उनकी सामाजिक स्थिति के बारे में पुस्तकों से पढ़कर अध्ययन किया। यह सब मेरे लिए एक अद्भुत सपने के सच होने जैसा था। मैं जनता था कि यह कहानी अलग विषय और दृष्टिकोण पर है लेकिन मैंने बिना किसी सवाल के उन पर पूर्ण विश्वास कर यह काम अपने हाथों में लिया।’ 

वहीं फिल्म ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ में शीर्षक रोल कर रहीं अभिनेत्री रुक्मणी मैत्रा का कहना है कि यह फिल्म सिनेमा का एक नया पड़ाव है और इसे बनाने में जिन जिन लोगों ने भी योगदान किया है, उन सबकी वह आभारी हैं। फिल्म की शूटिंग पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी प्रस्तावित है। अगले साल रिलीज के लिए प्रस्तावित इस फिल्म बंगाल सिनेमा के चर्तित अभिनेता देव भी एक अतुलनीय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बिनोदिनी दासी जैसे अद्भुत विषय पर फिल्म बनाने के लिए इससे जुड़े लोगों का आभार भी जताया है।

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