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'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- नगण्य, जिसका अर्थ है- जिसकी कोई गिनती न हो, दीनहीन या तुच्छ। प्रस्तुत है माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- क्यों मुझे तुम खींच लाये?
क्यों मुझे तुम खींच लाये?
एक गो-पद था, भला था,
कब किसी के काम का था?
क्षुद्ध तरलाई गरीबिन
अरे कहाँ उलीच लाये?
एक पौधा था, पहाड़ी
पत्थरों में खेलता था,
जिये कैसे, जब उखाड़ा
गो अमृत से सींच लाये!
एक पत्थर बेगढ़-सा
पड़ा था जग-ओट लेकर,
उसे और नगण्य दिखलाने,
नगर-रव बीच लाये?
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5 hours ago
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