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Bengaluru Rain: 50 रुपये में ट्रैक्टर से दफ्तर जा रहे IT पेशेवर, अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान

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Bengaluru Rain: 50 रुपये में ट्रैक्टर से दफ्तर जा रहे IT पेशेवर, अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान

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देश की सिलीकॉन सिटी बेंगलुरु में भारी बारिश से बुरा हाल है। कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अनेक परिसरों, सड़कों आदि इलाकों में  कईफीट पानी भरा हुआ है। इस बीच 23 साल की एक स्कूटी सवार युवती की करंट लगने से मौत हो गई। वहीं, आईटी पेशेवरों को दफ्तर पहुंचने के लिए ट्रैक्टर टॉलियों का सहारा लेना पड़ रहा है। ये 50-50 रुपये देकर ट्रालियों से दफ्तर जा रहे हैं। उधर सीएम बसवराज बोम्मई ने शहर में बाढ़ की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भारी बारिश के कारण पानी घरों में घुस गया है। लोगों का घर से निकलता तक मुश्किल हो गया है। बेंगलुरु में जगह-जगह ऐसे ही नजारे हैं। 
 

 
बेंगलुरु में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश
मौसम विभाग में वैज्ञानिक डॉ. गीता अग्निहोत्री ने बेंगलुरु के लिए आज की बारिश की रिपोर्ट जारी की। इलेक्ट्रॉनिक सिटी -8 सेमी, सिटी कार्यालय -4 सेमी, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा-9.6 मिमी और एचएएल हवाई अड्डा -5 सेमी बारिश हुई। बेंगलुरु में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश होगी, आज के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में अगले 5 दिनों तक व्यापक बारिश, तीन दिनों तक व्यापक बारिश के बाद दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी । 

सड़कों पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों की मुसीबत हो रही है। मंगलवार को कई आईटी पेशेवर ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर दफ्तर पहुंचे। बताया गया है कि सड़कों पर जमा पानी में फिसलने से युवती अखिला स्कूटी समेत बिजली के खंभे के पास गिर गई। खंभे से फैले करंट लगने के कारण अखिला की मौत हो गई। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। 

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रविवार व सोमवार को बेंगलुरु में भारी वर्षा हुई थी। इसके बाद इस हाईटेक शहर की कई इमारतों के बेसमेंट में पानी घुस गया था। शहर के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर लोगों ने बृहद बेंगलुरु नगर निगम के प्रति रोष जताया। उनका कहना है कि हर साल बेंगलुरु में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं, क्योंकि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। 

90 साल में नहीं देखी ऐसी बारिश : सीएम बोम्मई
सीएम बोम्मई ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा बेंगलुरु की यह हालत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कारण हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां लगातार भारी वर्षा से हालत बिगड़े हैं। ऐसी बारिश पिछले 90 सालों में देखने को नहीं मिली। सारे तालाब लबालब होकर उफन रहे हैं। कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु में लगातार बारिश हो रही है, आज भी हो रही है। कहा जा रहा है कि पूरे बेंगलुरु में संकट है, जबकि ऐसा नहीं है। सिर्फ दो जोन का विशेषकर महादेवपुरा में बुरा हाल है। इस छोटे से इलाके के 69 तालाब उफन रहे हैं। जो इलाके डूबे हैं, वे निचले क्षेत्रों के हैं और वहां पिछली कांग्रेस सरकार के राज में अतिक्रमण हुआ है। 

कर्नाटक के सीएम बोम्मई के अनुसार एक से पांच सितंबर के दौरान बेंगलुरु में  सामान्य से 150 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। महादेवपुरा, बोम्मनहल्ली और केआर पुरम में 307 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। शहर की 164 झीलें लबालब हो गई हैं। बेंगलुरु में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात को देखते हुए सीएम बोम्मई ने सोमवार को कार्यक्रम रद्द कर राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। 

आईटी पेशेवरों को ट्रैक्टर ट्रॉली का नया अनुभव
इस बीच भारत की सिलिकॉन वैली में कई आईटी पेशेवरों को नया अनुभव हो रहा है। जलभराव के कारण उन्हें दफ्तर तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों का सहारा लेना पड़ रहा है। एचएएल हवाई अड्डे के करीब यमलूर पानी में डूब गया है। क्षेत्र में रहने वाली आईटी कंपनियों के कई कर्मचारी सोमवार को ट्रॉलियों में सवार होकर अपने कार्यालय पहुंचे। हालात से परेशान एक महिला आईटी पेशेवर ने कहा,  हम ऑफिस से इतनी छुट्टी नहीं ले सकते, हमारा काम प्रभावित हो रहा है। हम इंतजार कर रहे हैं कि ट्रैक्टर हमें 50 रुपये में छोड़ दे। 

उधर, मौसम विभाग ने नौ सितंबर तक कर्नाटक में भारी बारिश का दौर जारी रहने संभावना जताई है। बेंगलुरु में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में चार साल की सबसे ज्यादा बारिश हुई है। अगस्त में यहां 370 मिमी यानी करीब 15 इंच बारिश हुई। इसके पूर्व अगस्त 1998 में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 387.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड बारिश हुई थी। 
 

केरल और कर्नाटक बाढ़ की चपेट में
केरल और कर्नाटक इन दिनों भारी बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में हैं। यहां जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने अन्य  दक्षिणी राज्यों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है। यहां आने वाले दो से तीन दिनों में मानसूनी बारिश कहर बरपाएगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में आठ व नौ सितंबर को भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा केरल, लक्ष्यद्वीप, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में  छह से नौ सितंबर तक भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 

 

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देश की सिलीकॉन सिटी बेंगलुरु में भारी बारिश से बुरा हाल है। कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अनेक परिसरों, सड़कों आदि इलाकों में  कईफीट पानी भरा हुआ है। इस बीच 23 साल की एक स्कूटी सवार युवती की करंट लगने से मौत हो गई। वहीं, आईटी पेशेवरों को दफ्तर पहुंचने के लिए ट्रैक्टर टॉलियों का सहारा लेना पड़ रहा है। ये 50-50 रुपये देकर ट्रालियों से दफ्तर जा रहे हैं। उधर सीएम बसवराज बोम्मई ने शहर में बाढ़ की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भारी बारिश के कारण पानी घरों में घुस गया है। लोगों का घर से निकलता तक मुश्किल हो गया है। बेंगलुरु में जगह-जगह ऐसे ही नजारे हैं। 

 

 

बेंगलुरु में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश

मौसम विभाग में वैज्ञानिक डॉ. गीता अग्निहोत्री ने बेंगलुरु के लिए आज की बारिश की रिपोर्ट जारी की। इलेक्ट्रॉनिक सिटी -8 सेमी, सिटी कार्यालय -4 सेमी, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा-9.6 मिमी और एचएएल हवाई अड्डा -5 सेमी बारिश हुई। बेंगलुरु में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश होगी, आज के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में अगले 5 दिनों तक व्यापक बारिश, तीन दिनों तक व्यापक बारिश के बाद दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी । 

सड़कों पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों की मुसीबत हो रही है। मंगलवार को कई आईटी पेशेवर ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर दफ्तर पहुंचे। बताया गया है कि सड़कों पर जमा पानी में फिसलने से युवती अखिला स्कूटी समेत बिजली के खंभे के पास गिर गई। खंभे से फैले करंट लगने के कारण अखिला की मौत हो गई। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। 

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रविवार व सोमवार को बेंगलुरु में भारी वर्षा हुई थी। इसके बाद इस हाईटेक शहर की कई इमारतों के बेसमेंट में पानी घुस गया था। शहर के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर लोगों ने बृहद बेंगलुरु नगर निगम के प्रति रोष जताया। उनका कहना है कि हर साल बेंगलुरु में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं, क्योंकि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। 


90 साल में नहीं देखी ऐसी बारिश : सीएम बोम्मई

सीएम बोम्मई ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा बेंगलुरु की यह हालत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कारण हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां लगातार भारी वर्षा से हालत बिगड़े हैं। ऐसी बारिश पिछले 90 सालों में देखने को नहीं मिली। सारे तालाब लबालब होकर उफन रहे हैं। कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु में लगातार बारिश हो रही है, आज भी हो रही है। कहा जा रहा है कि पूरे बेंगलुरु में संकट है, जबकि ऐसा नहीं है। सिर्फ दो जोन का विशेषकर महादेवपुरा में बुरा हाल है। इस छोटे से इलाके के 69 तालाब उफन रहे हैं। जो इलाके डूबे हैं, वे निचले क्षेत्रों के हैं और वहां पिछली कांग्रेस सरकार के राज में अतिक्रमण हुआ है। 

कर्नाटक के सीएम बोम्मई के अनुसार एक से पांच सितंबर के दौरान बेंगलुरु में  सामान्य से 150 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। महादेवपुरा, बोम्मनहल्ली और केआर पुरम में 307 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। शहर की 164 झीलें लबालब हो गई हैं। बेंगलुरु में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात को देखते हुए सीएम बोम्मई ने सोमवार को कार्यक्रम रद्द कर राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। 

आईटी पेशेवरों को ट्रैक्टर ट्रॉली का नया अनुभव

इस बीच भारत की सिलिकॉन वैली में कई आईटी पेशेवरों को नया अनुभव हो रहा है। जलभराव के कारण उन्हें दफ्तर तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों का सहारा लेना पड़ रहा है। एचएएल हवाई अड्डे के करीब यमलूर पानी में डूब गया है। क्षेत्र में रहने वाली आईटी कंपनियों के कई कर्मचारी सोमवार को ट्रॉलियों में सवार होकर अपने कार्यालय पहुंचे। हालात से परेशान एक महिला आईटी पेशेवर ने कहा,  हम ऑफिस से इतनी छुट्टी नहीं ले सकते, हमारा काम प्रभावित हो रहा है। हम इंतजार कर रहे हैं कि ट्रैक्टर हमें 50 रुपये में छोड़ दे। 

उधर, मौसम विभाग ने नौ सितंबर तक कर्नाटक में भारी बारिश का दौर जारी रहने संभावना जताई है। बेंगलुरु में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में चार साल की सबसे ज्यादा बारिश हुई है। अगस्त में यहां 370 मिमी यानी करीब 15 इंच बारिश हुई। इसके पूर्व अगस्त 1998 में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 387.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड बारिश हुई थी। 

 


केरल और कर्नाटक बाढ़ की चपेट में

केरल और कर्नाटक इन दिनों भारी बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में हैं। यहां जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने अन्य  दक्षिणी राज्यों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है। यहां आने वाले दो से तीन दिनों में मानसूनी बारिश कहर बरपाएगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में आठ व नौ सितंबर को भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा केरल, लक्ष्यद्वीप, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में  छह से नौ सितंबर तक भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 

 



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