Home Breaking News शरीर नोंच रहे थे कुत्ते: मिट्टी में दबा दी जीवित नवजात, खेत में गई महिला ने बचाई जान

शरीर नोंच रहे थे कुत्ते: मिट्टी में दबा दी जीवित नवजात, खेत में गई महिला ने बचाई जान

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शरीर नोंच रहे थे कुत्ते: मिट्टी में दबा दी जीवित नवजात, खेत में गई महिला ने बचाई जान

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कादरचौक थाना क्षेत्र में एक नवजात बच्ची को खेत में दबा दिया गया। थोड़ा शरीर बाहर रहने पर कुत्ते उसे नोंचकर निकालने की कोशिश कर ही रहे थे कि अचानक वहां पहुंची एक महिला की नजर उस पर पड़ गई। उसने नवजात को निकालकर उसकी जान बचाई। बाद में उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उसे महिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती करा दिया गया। 

बृहस्पतिवार को थाना क्षेत्र के गांव खितौलिया निवासी सुखदेवी पत्नी प्रताप गांव के नजदीक खेत में गईं थी। इसी दौरान उसने कुछ जंगली कुत्तों को मिट्टी खोदते हुए देखा। जब तक वह कुछ समझ पातीं, तब तक कुत्ते मिट्टी में दबाई गई नवजात बच्ची का ऊपरी हिस्सा बाहर निकाल चुके थे। वे उसका हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश कर रहे थे और बच्ची रो रही थी। यह देखकर सुखदेवी सहम गईं। 

वह तुरंत दौड़कर पहुंचीं और उसने कुत्तों को भगाकर बच्ची को तुरंत मिट्टी से बाहर निकाला। गांव में ले जाकर बच्ची को नहलाया। उसे कपड़े पहनाए। दोपहर में महिला और गांव के लोग उसे कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। सूचना पर एसओ वेदपाल सिंह भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जानकारी पाकर चाइल्ड लाइन की टीम भी पहुंच गई। टीम ने बच्ची को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची का जन्म कुछ घंटे पहले हुआ था और बाद में उसे तुरंत मिट्टी में दबा दिया गया। फिलहाल सुखदेवी उसके लिए देवदूत बनकर आईं और जान बचा ली। 

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कादरचौक थाना क्षेत्र में एक नवजात बच्ची को खेत में दबा दिया गया। थोड़ा शरीर बाहर रहने पर कुत्ते उसे नोंचकर निकालने की कोशिश कर ही रहे थे कि अचानक वहां पहुंची एक महिला की नजर उस पर पड़ गई। उसने नवजात को निकालकर उसकी जान बचाई। बाद में उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उसे महिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती करा दिया गया। 

बृहस्पतिवार को थाना क्षेत्र के गांव खितौलिया निवासी सुखदेवी पत्नी प्रताप गांव के नजदीक खेत में गईं थी। इसी दौरान उसने कुछ जंगली कुत्तों को मिट्टी खोदते हुए देखा। जब तक वह कुछ समझ पातीं, तब तक कुत्ते मिट्टी में दबाई गई नवजात बच्ची का ऊपरी हिस्सा बाहर निकाल चुके थे। वे उसका हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश कर रहे थे और बच्ची रो रही थी। यह देखकर सुखदेवी सहम गईं। 

वह तुरंत दौड़कर पहुंचीं और उसने कुत्तों को भगाकर बच्ची को तुरंत मिट्टी से बाहर निकाला। गांव में ले जाकर बच्ची को नहलाया। उसे कपड़े पहनाए। दोपहर में महिला और गांव के लोग उसे कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। सूचना पर एसओ वेदपाल सिंह भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जानकारी पाकर चाइल्ड लाइन की टीम भी पहुंच गई। टीम ने बच्ची को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची का जन्म कुछ घंटे पहले हुआ था और बाद में उसे तुरंत मिट्टी में दबा दिया गया। फिलहाल सुखदेवी उसके लिए देवदूत बनकर आईं और जान बचा ली। 

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