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दिल्ली में आमतौर पर मानसून 27-28 जून तक दस्तक दे देता है। इस बार मानसून ने 30 जून को दिल्ली में दस्तक दी थी। आमतौर पर जून में 74.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जाती है, लेकिन सिर्फ 24.5 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड हुई। ऐसे में सामान्य से करीब 67 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, 30 जून से लेकर एक जुलाई तक 152.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो कि एक दिन में सबसे अधिक थी। जुलाई में दिल्ली का सूखा खत्म हुआ था। पूरे जुलाई में 286.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य तौर पर 209.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जाती है। ऐसे में इस माह 37 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार बार-बार बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब वाला क्षेत्र बना रहा। इसका अधिक असर मध्य भारत के गुजरात व मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में देखने को मिला। यही वजह रही कि इन राज्यों में बाढ़ वाली स्थिति देखी गई। मानसूनी रेखा के जब उत्तर भारत की ओर बढ़ने का संकेत मिले, तब दोबारा बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब वाला क्षेत्र बन गया।
बृहस्पतिवार को कुछ इलाकों में हुई हल्की बूंदाबांदी
राजधानी में बृहस्पतिवार को सूरज और बादलों के बीच लुकाछीपी का खेल चलता रहा। दोपहर बाद कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से चार अधिक 37.4 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज हुई, लेकिन कुछ ही देर में बादलों को चीरते हुए धूप निकल गई। हवा में नमी का स्तर 50 से 78 फीसदी रहा। नमी अधिक होने की वजह से लोगों का उमस से बुरा हाल रहा।
अगले 48 घटों में बदल सकता है मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटे में मौसम का मिजाज बदल सकता है। अगले 24 घंटे में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा सकता है। इसके अगले दिन मौसम का मिजाज बदल सकता है। आगामी 10 और 11 सितंबर को हल्की बारिश दर्ज की सकती है। विभाग के मुताबिक, आगामी 14 सितंबर के बाद मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की सकती है।
अधिकतम तापमान- 36 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान- 27 डिग्री सेल्सियस
सूर्यास्त का समय: 6:33 बजे
सूर्योदय का समय: 6:04 बजे
-आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिनभर सूरज और बादलों के बीच लुकाछीपी चलेगी। हवा में नमी का स्तर अधिक रहेगा।
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