Home Breaking News Jammu University: फंदे पर लटकते मिले जम्मू विवि मनोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर, यौन उत्पीड़न के लगे थे आरोप

Jammu University: फंदे पर लटकते मिले जम्मू विवि मनोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर, यौन उत्पीड़न के लगे थे आरोप

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Jammu University: फंदे पर लटकते मिले जम्मू विवि मनोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर, यौन उत्पीड़न के लगे थे आरोप

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जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर ने अपने कार्यालय में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। फंदा लगाने के एक घंटा पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर को उनका निलंबन पत्र मिला था। यह पत्र जम्मू विवि के रजिस्ट्रार की तरफ से लिखा गया था।

एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर के खिलाफ एक सितंबर को विभाग की 22 से 23 छात्राओं ने एक साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि चंद्रशेखर उनका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायत के बाद इस मामले को जांच के लिए जम्मू विश्वविद्यालय यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति के पास भेज दिया गया।

बुधवार 7 सितंबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच जम्मू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का एक कर्मचारी निलंबन का पत्र लेकर चंद्रशेखर के कमरे में पहुंचा और इसके आधे घंटे के बाद ही चंद्रशेखर ने कमरा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद उक्त कर्मी दोबारा उनके पास आया तो देखा कि कमरा अंदर से बंद है।

उसने इसकी जानकारी रजिस्ट्रार कार्यालय में दी। इसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय स्टाफ सदस्य मौके प पहुंच गए और दरवाजे को खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर चंद्रशेखर रस्सी से पंखे के साथ फंदा लगाकर लटके मिले। पुलिस को घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन भी मिला है, जिसको फिलहाल जब्त कर लिया गया है।

शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाकर रजिस्ट्रार दफ्तर अटैच किए गए थे 

एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत पर विश्वविद्यालय की यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति ने जांच शुरू की। जांच को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन आदेश जारी करते हुए चंद्रशेखर से कहा कि शिकायत में मौजूद आधार को देखते हुए उन पर विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाई जाती है। जांच पूरी होने तक उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय में अटैच किया जाता है। छात्राओं के बयान कैमरे में रिकॉर्ड हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन जहां भी जरूरत पड़ेगी, इन साक्ष्यों को पेश करेगा।  – प्रो. उमेश राय, उपकुलपति जम्मू विवि

चंद्रशेखर की पत्नी बोलीं – 15 साल बेदाग रहे, एचओडी बनने से पहले क्यों लगे आरोप

चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय में उनके पति को विभाग के लोग परेशान कर रहे थे। उन्होंने इसके बारे पहले भी बताया था। इस मामले की जांच होनी चाहिए। डॉ. नीता ने कहा – मेरे पति पर जो आरोप लगाए गए वे सच नहीं हो सकते। 15 साल तक जब उन पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगा तो विभाग के एचओडी बनने से ऐन पहले यह आरोप कैसे लग गए। इसकी जांच होनी चाहिए।  

छात्राओं की शिकायत पर हो रही जांच

दूसरे सेमेस्टर की छात्राओं ने डॉ. चंद्रशेखर के खिलाफ समिति के पास एक सितंबर को शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी के संज्ञान में जांच शुरू की गई थी। – प्रो. प्रकाश अंताल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर जम्मू विवि।

विस्तार

जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर ने अपने कार्यालय में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। फंदा लगाने के एक घंटा पहले ही एसोसिएट प्रोफेसर को उनका निलंबन पत्र मिला था। यह पत्र जम्मू विवि के रजिस्ट्रार की तरफ से लिखा गया था।

एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर के खिलाफ एक सितंबर को विभाग की 22 से 23 छात्राओं ने एक साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि चंद्रशेखर उनका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायत के बाद इस मामले को जांच के लिए जम्मू विश्वविद्यालय यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति के पास भेज दिया गया।

बुधवार 7 सितंबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच जम्मू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का एक कर्मचारी निलंबन का पत्र लेकर चंद्रशेखर के कमरे में पहुंचा और इसके आधे घंटे के बाद ही चंद्रशेखर ने कमरा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद उक्त कर्मी दोबारा उनके पास आया तो देखा कि कमरा अंदर से बंद है।

उसने इसकी जानकारी रजिस्ट्रार कार्यालय में दी। इसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय स्टाफ सदस्य मौके प पहुंच गए और दरवाजे को खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर चंद्रशेखर रस्सी से पंखे के साथ फंदा लगाकर लटके मिले। पुलिस को घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन भी मिला है, जिसको फिलहाल जब्त कर लिया गया है।

शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाकर रजिस्ट्रार दफ्तर अटैच किए गए थे 

एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत पर विश्वविद्यालय की यौन उत्पीड़न आंतरिक शिकायत समिति ने जांच शुरू की। जांच को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन आदेश जारी करते हुए चंद्रशेखर से कहा कि शिकायत में मौजूद आधार को देखते हुए उन पर विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाई जाती है। जांच पूरी होने तक उन्हें रजिस्ट्रार कार्यालय में अटैच किया जाता है। छात्राओं के बयान कैमरे में रिकॉर्ड हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन जहां भी जरूरत पड़ेगी, इन साक्ष्यों को पेश करेगा।  – प्रो. उमेश राय, उपकुलपति जम्मू विवि

चंद्रशेखर की पत्नी बोलीं – 15 साल बेदाग रहे, एचओडी बनने से पहले क्यों लगे आरोप

चंद्रशेखर की पत्नी डॉ. नीता ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय में उनके पति को विभाग के लोग परेशान कर रहे थे। उन्होंने इसके बारे पहले भी बताया था। इस मामले की जांच होनी चाहिए। डॉ. नीता ने कहा – मेरे पति पर जो आरोप लगाए गए वे सच नहीं हो सकते। 15 साल तक जब उन पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगा तो विभाग के एचओडी बनने से ऐन पहले यह आरोप कैसे लग गए। इसकी जांच होनी चाहिए।  

छात्राओं की शिकायत पर हो रही जांच

दूसरे सेमेस्टर की छात्राओं ने डॉ. चंद्रशेखर के खिलाफ समिति के पास एक सितंबर को शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी के संज्ञान में जांच शुरू की गई थी। – प्रो. प्रकाश अंताल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर जम्मू विवि।

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