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Queen Elizabeth II : पूरा जीवन ब्रिटिश राजगद्दी संभालने की तैयारी करने के बाद अंतत: 73 साल की उम्र में प्रिंस चार्ल्स को महाराज चार्ल्स तृतीय के रूप में देश के सिंहासन पर बैठने का मौका मिला है। उन्होंने मां की मृत्यु पर एक बयान में कहा, मेरी प्यारी मां, महारानी का निधन, मेरे और मेरे परिवार के सभी सदस्यों के लिए सबसे बड़ा दुख का क्षण है। इस दौरान दुनिया के कई देशों ने शोक मनाया।
किंग चार्ल्स ने कहा, हम एक संप्रभु और एक बहुत प्यारी मां के निधन पर गहरा शोक जताते हैं। मुझे पता है कि उनका नुकसान पूरे देश, लोकों और राष्ट्रमंडल और दुनिया भर के अनगिनत लोगों द्वारा गहराई से महसूस किया जाएगा। उन्होंने कहा, शोक और बदलाव की इस अवधि में मेरे परिवार और मुझे रानी के इतने सम्मान व गहरे स्नेह की अनुभूति हो रही है।
महारानी के निधन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल ने ब्रिटिश दूतावास जाकर एक शोक पुस्तक पर हस्ताक्षर किए। बाइडन ने 1982 में अपनी पहली मुलाकात का भी जिक्र किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने महारानी को दयालु और फ्रांस की मित्र बताया।
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने रानी को आदर्श और प्रेरण कहा। जबकि कनाडाई पीएम जस्टिन त्रूदो ने कहा, महारानी दुनिया में उनके पसंदीदा लोगों में से एक थीं। ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीस, न्यूजीलैंड की पीएम जैसिंडा अर्डर्न ने भी रानी को असाधारण बताया।
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