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महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से पूरी दुनिया में शोक की लहर है। भारत समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने जहां उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अंतिम संस्कार में जाने की घोषणा कर दी है। हालांकि, अंतिम संस्कार की तारीख की अभी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह 19 सितंबर को लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में होने की उम्मीद है। बाइडेन ने कहा कि उन्होंने अभी तक रानी के बेटे किंग चार्ल्स III से बात नहीं की है। बता दें कि बाइडन एकमात्र प्रमुख व्यक्ति नहीं हैं जो रानी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। अन्य यूरोपीय सम्राटों, राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 70 साल तक शासन करने के बाद गुरुवार को स्कॉटलैंड में अंतिम सांस ली थीं।
जानें अंतिम संस्कार से पहले कौन-कौन सी प्रक्रिया होगी?
महारानी का अंतिम संस्कार 19 सितंबर को होने की उम्मीद है। इससे पहले, उनके ताबूत को लंदन से बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर के पैलेस तक निधन के पांच दिन बाद औपचारिक मार्ग से ले जाया जाएगा, जहां रानी तीन दिनों के लिए राज्य में लेटी रहेंगी। इस दौरान लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे, यह स्थल प्रतिदिन 23 घंटे तक खुला रहेगा। अंतिम संस्कार का दिन राष्ट्रीय शोक का दिन होगा, जिसमें वेस्टमिंस्टर एब्बे में होने वाली सेवा और पूरे ब्रिटेन में दोपहर में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। अंतिम संस्कार के बाद रानी को विंडसर कैसल के किंग जॉर्ज षष्ठम मेमोरियल चैपल में दफनाया जाएगा।
महारानी के निधन के बाद क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, महारानी के निधन के बाद प्रधानमंत्री लिज ट्रस को फोन करके सूचना दी गई। इसके बाद शाही परिवार ने सारी तैयारियों के तहत महारानी के आंखों को बंद किया। इसके बाद प्रिंस चार्ल्स को नया राजा घोषित किया गया। हालांकि, प्रिंस चार्ल्स का औपचारिक राज्याभिषेक बाद में होगा। बहरहा, इस दौरान नया राजा घोषित होने पर किंग चार्ल्स के परिवार के सभी सदस्य उनके हाथों को चूमकर उन्हें धन्यवाद देंगे। जबकि महारानी के निधन संबंधी सारी जानकारी पीएम के बाद गवर्नर जनरल, राजदूत को दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने जारी किया था निधन के बारे में पहला बयान
राजप्रमुख के निधन पर प्रधानमंत्री को पहला बयान जारी करना होता है। इसी परंपरा के तहत प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने अपने बयान में महारानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दिवंगत महारानी अपने पीछे एक महान विरासत छोड़ गई हैं और उन्होंने देश को “स्थिरता और ताकत” भी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि महारानी के निधन से ब्रिटेन सदमे में है। वह एक ‘चट्टान’ की तरह थीं जिस पर आधुनिक ब्रिटेन का निर्माण हुआ था।
पीएम के बाद अन्य सभी मंत्रियों को प्रतीक्षा करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद प्रिंस चार्ल्स शाम 6 बजे शोक संदेश के तहत राष्ट्र को टेलीविजन पर संबोधित करने की भी जानकारी सामने आई है। इसके बाद वह संसद तक यात्रा करने और स्मारक सेवाओं में भाग लेने के लिए स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के दौरे का कार्यक्रम पूरा करेंगे। वहीं रक्षा मंत्रालय महारानी के सम्मान में तोपों की सलामी की व्यवस्था करेगा।
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