Home Breaking News वाराणसी में धारा-144 लागू: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस सुनवाई योग्य है या नहीं? फैसला कल, जानें अब तक के अपडेट

वाराणसी में धारा-144 लागू: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस सुनवाई योग्य है या नहीं? फैसला कल, जानें अब तक के अपडेट

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वाराणसी में धारा-144 लागू: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस सुनवाई योग्य है या नहीं? फैसला कल, जानें अब तक के अपडेट

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वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन के मामले में सोमवार को जिला अदालत का फैसला आएगा। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मुकदमे की पोषणीयता यानी मुकदमा चलने योग्य है या नहीं, इस बात पर फैसला सुनाएगी। मई और जून में पूरे देश में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था।

अब अदालत का फैसला आने से पहले वाराणसी का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। रविवार को कचहरी परिसर की गहन चेकिंग की गई। बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड के संग पुलिस ने चप्पे-चप्पे की चेकिंग की। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने सभी से शांति की अपील की और शहर में 144 धारा भी लागू कर दी गई।

जिला जज ने फैसला रखा था सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले में 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरह से बहस पूरी कर ली गई थी और जिला जज ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल, इस मामले में तत्कालीन सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने सर्वे का आदेश जारी किया था। इसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर का सर्वे किया गया था।
पढ़ेंः औरंगजेब था आततायी, मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई, पढ़ें हिंदू पक्ष की दलीलें जो रहीं चर्चा में

इसी सर्वे के बाद मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग के होने का दावा किया गया, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया। इस मामले में विवाद इतना बढ़ गया कि सर्वे के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामला सुनवाई योग्य है या नहीं पर फैसले लिए इस मुकदमे को जिला जज की अदालत में भेज दिया था।

यहां बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे अलग-अलग कोर्ट में लंबित हैं। जिला जज की अदालत में फैसला आने से पहले रविवार को कचहरी परिसर की गहन चेकिंग की गई।

श्रृंगार गौरी नियमित दर्शन पूजन का मामला राखी सिंह और अन्य चार महिलाओं द्वारा वाराणसी के अदालत में दायर किया गया था।  मामले में मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी का दावा है कि ज्ञानवापी परिसर में प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रॉविजंस) एक्ट, 1991 लागू होगा। यानी देश की आजादी के दिन धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, वही रहेगी।

हिंदू पक्ष की महिलाओं का दावा है कि ज्ञानवापी में प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रॉविजंस) एक्ट, 1991 लागू नहीं होगा। वहां देश की आजादी के बाद वर्ष 1991 तक मां श्रृंगार गौरी की पूजा होती थी।

पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि न्यायालय में महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाए जाने की संभावना के दृष्टिगत सभी पुलिस अधिकारियों की बैठक की गई है। धारा 144 लागू कर दी गई है और सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है।  सभी थानेदारों, एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी को अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करने को कहा गया है।  मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च एवं फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिया गया है।

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन के मामले में सोमवार को जिला अदालत का फैसला आएगा। जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मुकदमे की पोषणीयता यानी मुकदमा चलने योग्य है या नहीं, इस बात पर फैसला सुनाएगी। मई और जून में पूरे देश में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था।

अब अदालत का फैसला आने से पहले वाराणसी का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। रविवार को कचहरी परिसर की गहन चेकिंग की गई। बम निरोधक दस्ता और डाग स्क्वाड के संग पुलिस ने चप्पे-चप्पे की चेकिंग की। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने सभी से शांति की अपील की और शहर में 144 धारा भी लागू कर दी गई।

जिला जज ने फैसला रखा था सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले में 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरह से बहस पूरी कर ली गई थी और जिला जज ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल, इस मामले में तत्कालीन सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने सर्वे का आदेश जारी किया था। इसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर का सर्वे किया गया था।

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