[ad_1]
ख़बर सुनें
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनिवार्य मतदान विधेयक -2022 पर संविधान के अनुच्छेद 117 के तहत विचार करने की अनुशंसा कर दी है। भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने 22 जुलाई को इस बिल को निजी सदस्य विधेयक के तौर पर पेश किया था। इस निजी विधेयक के वित्तीय प्रभाव की वजह से सदन को विचार करने और पारित करने से पहले राष्ट्रपति की संवैधानिक मंजूरी जरूरी थी। जो संविधान के अनुच्छेद-117 के तहत वित्तीय विधेयकों के संबंध में विशेष प्रावधानों से संबंधित है। अब इस बिल पर आने वाले शीतकालीन सत्र में चर्चा हो सकती है।
अनिवार्य मतदान विधेयक -2022 क्या है? इसमें वोट नहीं डालने पर किस तरह की सजा का प्रस्ताव है? जो लगातार वोट देंगे उनके लिए क्या किसी तरह के प्रोत्साहन का भी प्रस्ताव है? इससे पहले कितनी बार इस तरह का बिल पेश हो चुका है? पहले आए बिल का क्या हुआ? पहली बार इस तरह का बिल कौन लेकर आया था? आइये जानते हैं…
[ad_2]
Source link