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तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव बहुत जल्दी राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री करने वाले हैं। इस बाबत उन्होंने रविवार को एक बड़ा एलान भी किया है। तेलंगाना के सीएम ने कहा है कि वह जल्द ही एक राष्ट्रीय पार्टी का शुभारंभ करेंगे। गौरतलब है इससे पहले शनिवार को भी पार्टी के नेताओं ने उनसे आह्वान किया था कि वे राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करें। गौरतलब है कि केसीआर के एलान और पार्टी नेताओं से मिल रहे संकेतों के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले दशहरा त्यौहार के मौके पर केसीआर नई राष्ट्रीय पार्टी के नाम का एलान कर सकते हैं। हालांकि अभी पार्टी ने इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इससे पहले केसीआर एक थर्ड फ्रंट बनाने की योजना बना रहे थे।
पार्टी के नेताओं की भी है मांग
इससे पहले शुक्रवार को टीआरएस जिला इकाइयों के अध्यक्षों ने केसीआर से अपील करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा के जनविरोधी शासन को समाप्त करने की जरूरत है और ये तभी होगा जब वे राष्ट्रीय राजनीति में उतरेंगे। टीआरएस विधायक और मंचेरियल जिला इकाई के अध्यक्ष बालका सुमन ने कहा कि ‘हम, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष केसीआर से अपील करते हैं कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करना चाहिए और एक राष्ट्रीय पार्टी बनानी चाहिए।’ साथ ही कुछ राज्य मंत्रियों सहित टीआरएस के कई अन्य नेताओं ने भी केसीआर से राष्ट्रीय राजनीति में उतरने के लिए आग्रह किया था। इन नेताओं के बयानों से संकेत मिल रहा है कि केसीआर जल्दी ही राष्ट्रीय पार्टी शुरू कर सकते हैं। वहीं, हाल के दिनों में तेलंगाना में हुई अपनी कई जनसभाओं में खुद केसीआर राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने की बात कह चुके हैं।
जून में हुआ था नई पार्टी के नाम पर मंथन
इस साल जून में केसीआर ने टीआरएस नेताओं के साथ एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने के विचार पर चर्चा की थी। हालांकि तब नई पार्टी के विचार पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। उस समय टीआरएस के सूत्रों ने यह भी कहा था कि नई पार्टी के लिए ‘भारत राष्ट्रीय समिति’ (बीआरएस), ‘उज्ज्वल भारत पार्टी’ और ‘नया भारत पार्टी’ जैसे कुछ नामों पर चर्चा की गई थी।
नीतीश से की थी चर्चा
गौरतलब है कि केसीआर ने हाल ही में पटना में अपने बिहार के समकक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। उस दौरान केसीआर ने भाजपा मुक्त भारत का आह्वान किया था। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर कई आरोप भी लगाए थे। इससे पहले चंद्रशेखर राव ने नीतीश कुमार, शरद पवार, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन सहित कई गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेसी विपक्षी नेताओं से मुलाकात की और भाजपा की कथित जनविरोधी नीतियों और ‘देश में गुणात्मक परिवर्तन’ लाने पर चर्चा की।
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