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Pakistan Human Development Index : पाकिस्तान में मानव विकास सूचकांक में और गिरावट, 161वें स्थान पर

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Pakistan Human Development Index : पाकिस्तान में मानव विकास सूचकांक में और गिरावट, 161वें स्थान पर

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Pakistan Human Development Index: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की ओर से जारी नवीनतम मानव विकास सूचकांक में पाकिस्तान सात स्थान और गिरकर 161वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल की रिपोर्ट में पाकिस्तान 189 देशों में 154वें स्थान पर था। 

रिपोर्ट में भूटान 127वें, बांग्लादेश 129वें, भारत 132वें और नेपाल 143वें स्थान पर हैं। संकट में फंसने की वजह से दुनियाभर में चिता का विषय बना श्रीलंका इस सूचकांक में नौ स्थान की छलांग लगाकर 73वें स्थान पर जा पहुंचा है।

न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में जन्म के बाद बच्चों की संभावित उम्र 66.1 वर्ष है। उनके आठ वर्ष की उम्र में स्कूल जाने की संभावना होती है। ‘अनिश्चित समय, अस्थिर जीनव : एक बदलती दुनिया में हमारे भविष्य को आकार देना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में प्रतिव्यक्ति आय 4624 अमेरिकी डॉलर है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न जलवायु झटके विश्व व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और पिछले कुछ सालों में हासिल की गई वृद्धि को पीछे धकेल रहे हैं। जलवायु झटकों के उदाहरण के रूप में रिपोर्ट में नौ दक्षिण एशियाई देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, ईरान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र है। इनमें केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान (180वां स्थान) ही मानव विकास के मामले में निचली श्रेणी में हैं।

स्विट्जरलैंड को दिया गया पहला स्थान
इस सूची में पहला स्थान स्विट्जरलैंड, दूसरा नॉर्वे और तीसरा आइसलैंड का है। भूटान, बांग्लादेश, भारत और नेपाल को मध्यम श्रेणी में रखा गया है।

कोविड-19, रूस-यूक्रेन युद्ध ने किया सर्वाधिक प्रभावित
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सूचकांक को प्रभावित करने वाले सबसे बड़े कारकों में कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं। इस रिपोर्ट में 172 शहरों का आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति और मनोरंजन के आधार पर आंकलन किया गया है।

पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आए विश्व समुदाय : संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने शनिवार को विश्व समुदाय का आह्वान किया कि वह बाढ़ग्रस्त पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से तबाह पाकिस्तान में भविष्य की आपदाओं से निपटने में सक्षम आधारभूत ढांचे का निर्माण जरूरी है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सुक्कुर में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने के बाद संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने यह बात कही।

अब तक विश्व समुदाय से मिली मदद का आकलन करते हुए गुटेरस ने कहा कि यह उसी प्रकार है, जैसे जरूरत समुद्र की है और आप एक बूंद ही दें। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे करने के बाद गुटेरस ने इसे अकल्पनीय करार दिया। गुटेरस एकजुटता दिखाने के लिए दो दिन के पाकिस्तान दौरे पर हैं।

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Pakistan Human Development Index: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की ओर से जारी नवीनतम मानव विकास सूचकांक में पाकिस्तान सात स्थान और गिरकर 161वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल की रिपोर्ट में पाकिस्तान 189 देशों में 154वें स्थान पर था। 

रिपोर्ट में भूटान 127वें, बांग्लादेश 129वें, भारत 132वें और नेपाल 143वें स्थान पर हैं। संकट में फंसने की वजह से दुनियाभर में चिता का विषय बना श्रीलंका इस सूचकांक में नौ स्थान की छलांग लगाकर 73वें स्थान पर जा पहुंचा है।

न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में जन्म के बाद बच्चों की संभावित उम्र 66.1 वर्ष है। उनके आठ वर्ष की उम्र में स्कूल जाने की संभावना होती है। ‘अनिश्चित समय, अस्थिर जीनव : एक बदलती दुनिया में हमारे भविष्य को आकार देना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में प्रतिव्यक्ति आय 4624 अमेरिकी डॉलर है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न जलवायु झटके विश्व व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और पिछले कुछ सालों में हासिल की गई वृद्धि को पीछे धकेल रहे हैं। जलवायु झटकों के उदाहरण के रूप में रिपोर्ट में नौ दक्षिण एशियाई देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, ईरान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र है। इनमें केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान (180वां स्थान) ही मानव विकास के मामले में निचली श्रेणी में हैं।

स्विट्जरलैंड को दिया गया पहला स्थान

इस सूची में पहला स्थान स्विट्जरलैंड, दूसरा नॉर्वे और तीसरा आइसलैंड का है। भूटान, बांग्लादेश, भारत और नेपाल को मध्यम श्रेणी में रखा गया है।

कोविड-19, रूस-यूक्रेन युद्ध ने किया सर्वाधिक प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सूचकांक को प्रभावित करने वाले सबसे बड़े कारकों में कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं। इस रिपोर्ट में 172 शहरों का आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति और मनोरंजन के आधार पर आंकलन किया गया है।

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