Home Breaking News पूर्वोत्तर: गृहमंत्री शाह ने नई दिल्ली में नगा समूह के कई नेताओं से की मुलाकात, नगालैंड के सीएम रहे मौजूद

पूर्वोत्तर: गृहमंत्री शाह ने नई दिल्ली में नगा समूह के कई नेताओं से की मुलाकात, नगालैंड के सीएम रहे मौजूद

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पूर्वोत्तर: गृहमंत्री शाह ने नई दिल्ली में नगा समूह के कई नेताओं से की मुलाकात, नगालैंड के सीएम रहे मौजूद

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को नगा समूह के कई राजनैतिक नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान स्पष्ट किया कि मोदी सरकार का प्रयास शांतिपूर्ण और समृद्ध पूर्वोत्तर बनाना है। यह बैठक नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो के नेतृत्व में हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि एनएससीएन-आईएम जैसे नगा समूहों के साथ चल रही बातचीत के दौरान जटिल मुद्दों को हल किया जाए। प्रवक्ता के अनुसार, बातचीत अभी जारी है। इसलिए मुद्दों के संभावित समाधान पर कोई भी रिपोर्ट केवल अटकलबाजी होगी। 

3 अगस्त, 2015 को नगा विद्रोह समूह से समझौता  
भारत सरकार ने 3 अगस्त, 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में प्रमुख नगा विद्रोह समूह एनएससीएन-आईएम के साथ रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, हाल में एनएससीएन-आईएम समूह के अलग संविधान और अलग झंडे की मांग को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। वहीं इन सबके बीच सरकार संघर्ष विराम समझौते में प्रवेश करने के बाद एनएससीएन के अलग-अलग समूहों के साथ भी शांति वार्ता कर रही है। इसमें संघर्ष विराम समझौते करने वाले समूहों में एनएससीएन-एनके, एनएससीएन-आर, एनएससीएन के-खांगो और एनएससीएन (के) निकी शामिल हैं। 

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को नगा समूह के कई राजनैतिक नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान स्पष्ट किया कि मोदी सरकार का प्रयास शांतिपूर्ण और समृद्ध पूर्वोत्तर बनाना है। यह बैठक नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो के नेतृत्व में हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि एनएससीएन-आईएम जैसे नगा समूहों के साथ चल रही बातचीत के दौरान जटिल मुद्दों को हल किया जाए। प्रवक्ता के अनुसार, बातचीत अभी जारी है। इसलिए मुद्दों के संभावित समाधान पर कोई भी रिपोर्ट केवल अटकलबाजी होगी। 

3 अगस्त, 2015 को नगा विद्रोह समूह से समझौता  

भारत सरकार ने 3 अगस्त, 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में प्रमुख नगा विद्रोह समूह एनएससीएन-आईएम के साथ रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, हाल में एनएससीएन-आईएम समूह के अलग संविधान और अलग झंडे की मांग को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। वहीं इन सबके बीच सरकार संघर्ष विराम समझौते में प्रवेश करने के बाद एनएससीएन के अलग-अलग समूहों के साथ भी शांति वार्ता कर रही है। इसमें संघर्ष विराम समझौते करने वाले समूहों में एनएससीएन-एनके, एनएससीएन-आर, एनएससीएन के-खांगो और एनएससीएन (के) निकी शामिल हैं। 

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