Home Breaking News Faisal Khan: मुझे कैद किया, पागल घोषित कर दवाइयां दीं, फोन तक ले लिया… आमिर के भाई का चौंकाने वाला खुलासा

Faisal Khan: मुझे कैद किया, पागल घोषित कर दवाइयां दीं, फोन तक ले लिया… आमिर के भाई का चौंकाने वाला खुलासा

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Faisal Khan: मुझे कैद किया, पागल घोषित कर दवाइयां दीं, फोन तक ले लिया… आमिर के भाई का चौंकाने वाला खुलासा

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आमिर खान के भाई फैसल खान इस वक्त सुर्खियों में बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान के विवादित शो बिग बॉस 16 के लिए फैसल खान को अप्रोच किया गया था। हालांकि, फैसल ने शो का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे मेरी आजादी बहुत पसंद है। वहीं, अब फैसल ने इंटरव्यू में अपने परिवार और भाई आमिर खान के बारे में कई चौका देने वाले खुलासे किए हैं।

परिवार से नाराजगी के चलते मैंने दूरी बना ली थी। लेकिन, यह बात परिवार वाले समझ नहीं पा रहे थे। उन्होंने मुझे पागल घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, मुझे कैद कर लिया,  कुछ दवाईयां देने लगे और मेरा फोन तक ले लिया। मुझपर निगरानी रखने के लिए आमिर साहब ने बॉर्डीगाड्स तक रखे हुए थे। यानी मुझे पूरी तरह दुनिया से कट कर दिया गया था। कुछ दिनों तक मैंने यह सब सहा। लेकिन जब मुझसे सिग्नेटरी राइट्स लेने की बात आई, तब मैंने विरोध किया। 

फैसल ने आगे बताया, परिवार के खिलाफ जाने के बाद मैंने घर छोड़ दिया। मैं अपने दोस्त के पास गया जो पुलिस में था। उसने कहा कि आपके परिवार वालों ने प्राइवेट अस्पताल से टेस्ट करवाकर आपको पागल करार करने की कोशिश की है। लेकिन, जब कोर्ट केस होगा तब सरकारी अस्पताल के टेस्ट पर ही विश्वास किया जाएगा। तब मैंने सरकारी अस्पताल से टेस्ट करवाया। कई सालों तक कोर्ट में केस भी चला। लेकिन अंतत: मैं जीत गया। कोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मैं पागल नहीं हूं। 

फैसल खान ने आगे कहा, इस दौरान मेरे पिताजी ने मेरा साथ दिया। उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी तो वह अलग रह रहे थे। लेकिन जब कोर्ट केस हुआ और दुनिया को पता चला कि मेरे ऊपर जुर्म ढाया जा रहे है तब पिताजी ने मेरा साथ दिया। 

फैसल ने बताया कि उनकी कस्टडी को लेकर भी केस चला। फैसल ने कहा, आमिर ने कोर्ट में कहा कि मेरी कस्टडी उन्हें दी जाए, मैं उसका ख्याल रखूंगा। लेकिन मैं ऐसा नहीं चाहता था। मैं खुद उस वक्त तक 18 प्लस हो चुका था। मैं चाहता था कि मैं खुद अपना ख्याल रखूं। अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से जीयूं। मैंने जज साहब को भी यही बात कही। कुछ वक्त तक यह केस चला और आखिरकार मेरे हक में फैसला आया।  

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