Home Sports उमर से बड़ा हुनर… शूटिंग बनी 72 साल के पीसी जैन का जुनून, दो मेडल पर साधा निशाना, अब नेशनल की तैयारी

उमर से बड़ा हुनर… शूटिंग बनी 72 साल के पीसी जैन का जुनून, दो मेडल पर साधा निशाना, अब नेशनल की तैयारी

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उमर से बड़ा हुनर… शूटिंग बनी 72 साल के पीसी जैन का जुनून, दो मेडल पर साधा निशाना, अब नेशनल की तैयारी

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रिपोर्ट – नरेश पारीक

चुरू. ‘बंदूक छूटी भले हो, लेकिन सालों बाद भी ये हाथ बंदूक चलाना नहीं भूले.’ शहर की सैनिक कॉलोनी के निवासी प्रकाशचंद जैन ने 72 साल की उम्र में राजस्थान स्टेट ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर व ब्रांज मेडल जीतकर साबित कर दिया है कि उम्र नहीं हौसले बड़े होने चाहिए. जैन अब नेशनल खेलने के लिए ज़ोरदार प्रैक्टिस कर रहे हैं. जैन की इस लगन की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है क्योंकि वह छात्र जीवन में शूटिंग के खिलाड़ी थे. आजीविका के लिए उन्होंने अपने भीतर के खिलाड़ी को तो छोड़ा पर खेल से जुड़े रहे. इस उम्र में जब उन्होंने दोबारा खेलना शुरू किया तो शुरुआत भी एक संयोग के चलते हुई जब वह दिल्ली से सालों बाद चुरू आए.

जैन ने बताया कि बचपन से ही उनकी खेलकूद में रुचि रही. उन्होंने लोहिया कॉलेज में एनसीसी जाॅइन की थी. ट्रेनिंग के दौरान उन्हें राइफल चलाना सिखाया गया था. यहां से शूटिंग के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी थी लेकिन तब शूटिंग एकेडमी नहीं हुआ करती थी. उन्होंने बताया कि संसाधन आज की तरह उपलब्ध नहीं थे. उन्होंने याद करते हुए बताया कि एनसीसी प्रशिक्षण के दौरान 50 मीटर शूटिंग प्रतियोगिता में करीब चार कॉलेजों की टीमें आई थीं और वह दूसरे स्थान पर रहे थे.

ज़िम्मेदारियों ने खेल छुड़ाया, लगाव नहीं

जैन के मुताबिक कॉलेज के बाद वह परिवार सहित दिल्ली गए और व्यापार शुरू किया. खेलों में दिलचस्पी के कारण व्यापार भी स्पोर्ट्स आइटम का ही किया. दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते वह 48 साल बाद अपने शहर चूरू लौटे तो यहां काफी कुछ बदल गया था. शूटिंग की एकेडमी भी शुरू हो गई थी. माॅर्निंग वॉक के दौरान बच्चों को शूटिंग करते देखा तो उनके भीतर का खिलाड़ी भी जाग उठा. उन्होंने बताया कि घरवालों को बिना बताए वह पार्क में जाकर कसरत करने लगे और चुपचाप घर से खाली बोतलें इकठ्ठी करके शूटिंग का अभ्यास भी.

मेडल के पीछे कड़ा अभ्यास

लंबे गैप के कारण सीखने में परेशानी हो रही थी. एक दिन वह एकेडमी के कोच भागीरथ स्वामी से मिले, बातों-बातों में पता चला कि वह शूटिंग के खिलाड़ी रह चुके हैं. जैन ने तब शूटिंग सीखने की इच्छा ज़ाहिर की. लेकिन उम्र का तकाज़ा यह था कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हाथ को एक ही पोज़ीशन में रखने में हुई.

इसके लिए कोच ने हल्की कसरत कराना शुरू किया. एकेडमी में सुबह करीब एक घंटे अभ्यास का सिलसिला शुरू हुआ तो कोरोना काल आने से सभी प्रतियोगिताएं बंद हो गईं. इसके बाद 2021 में राजस्थान स्टेट ओपन शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन हुआ. जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में अलग-अलग कैटेगरी थीं. वह सीनियर सिटीज़न वर्ग में शामिल हुए. उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में पहुंचे तो बच्चों के बीच झिझक महसूस हुई, लेकिन कुछ सीनियर सिटीज़न भी थेए हालांकि सबसे उम्रदराज़ वही थे. फिर सिल्वर मेडल जीतने पर वह काफी जोश में भर गए.

दर्द को मात देकर फिर जीता मेडल

जैन ने इस साल दूसरी बार राजस्थान स्टेट ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया लेकिन स्पर्धा शुरू होने से पहले पिस्टल को काफी देर तक सीधा रखने के कारण उनके कंधे में दर्द था. इसके बावजूद उन्होंने कांस्य पदक जीता. उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में उनका स्कोर भी काफी बेहतर हुआ. जैन की इच्छा अब नेशनल प्रतियोगिता में शामिल होकर पदक जीतने की है. इसके लिए वह तैयारी भी भरपूर कर रहे हैं. वह कहते हैं कि लक्ष्य बनाकर मेहनत करने से सफलता पाई जा सकती है, केवल स्वयं पर विश्वास रखने की ज़रूरत है.

Tags: Churu news, Shooting

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