Home Sports स्टार महिला हॉकी प्लेयर ने लिया संन्यास, ओडिशा के छोटे से गांव से निकली, फिर 10 साल मचाई धूम

स्टार महिला हॉकी प्लेयर ने लिया संन्यास, ओडिशा के छोटे से गांव से निकली, फिर 10 साल मचाई धूम

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स्टार महिला हॉकी प्लेयर ने लिया संन्यास, ओडिशा के छोटे से गांव से निकली, फिर 10 साल मचाई धूम

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हाइलाइट्स

2012 में सीनियर इंडिया टीम में पदार्पण के बाद 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.
टोप्पो 2014 और 2018 एशियाई गेम्स में कांस्य और रजत जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं.
इंडिया हॉकी टीम के लिए 10 साल तक खेलती रहीं और दुनियाभर में धूम मचाई.

नई दिल्ली: स्टार महिला हॉकी प्लेयर और अनुभवी मिडफील्डर नमिता टोप्पो ने गुरुवार को (15 सितंबर) हॉकी को अलविदा कह दिया. 2012 में सीनियर इंडिया टीम में पदार्पण के बाद 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के एक छोटे से गांव जौरूमल की रहने वाले 27 वर्षीय टोप्पो 2014 और 2018 एशियाई गेम्स में कांस्य और रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही थीं. इसके बाद टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथे स्थान पर रहने वाली हॉकी टीम की अहम सदस्य भी रही हैं. वह हॉकी इंडिया के लिए 10 साल तक खेलती रहीं और दुनियाभर में धूम मचाई.

हॉकी इंडिया द्वारा जारी प्रेस रिलीज में नमिता टोप्पो ने कहा, “पिछले 10 साल निश्चित रूप से मेरे जीवन के सबसे अच्छे साल रहे हैं. मैंने अपने देश के लिए सबसे बड़े चरणों में खेलने का सपना देखा था और मैं बहुत खुश हूं कि मैं अपने सपनों को जिया है.” टोप्पो ने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि मैंने एक बड़ा प्रभाव डाला है और पिछले दशक में भारतीय महिला हॉकी टीम जिस तरह से आगे बढ़ी है और उसका विकास हुआ है, वह देखकर मैं बहुत रोमांचित हूं. मैं अपने जीवन में एक नए अध्याय पर आगे बढ़ने के दौरान भी टीम का समर्थन करती रहूंगी.”

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2012 में किया हॉकी इंडिया टीम में पदार्पण

नमिता टोप्पो स्पोर्ट्स हॉस्टल, पानपोश, राउरकेला में हॉकी के गुर सीखे हैं. उन्होंने पहली बार 2007 में अपनी राज्य (उड़ीसा) टीम का प्रतिनिधित्व किया और घरेलू प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन ने उन्हें 2011 में बैंकॉक, थाईलैंड में अंडर-18 गर्ल्स एशिया कप के लिए चुना, जहां भारत ने कांस्य पदक जीता. उन्हें पहली बार 2012 में डबलिन में एफआईएच चैंपियंस चैलेंज I में सीनियर राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था.

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2013 में जर्मनी में जूनियर विश्व कप में कांस्य जीतने वाली टीम की सदस्य

नमिता भारतीय जूनियर टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2013 में जर्मनी के मैनचेंग्लादबाक में एफआईएच महिला जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीता था. टोप्पो ने 2013 में एफआईएच महिला विश्व लीग राउंड 2 जैसे प्रमुख टूर्नामेंटों में भाग लिया, यहां भारत ने गोल्ड मेडल जीता था. 2013 में तीसरी महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जहां भारत ने रजत जीता. उन्होंने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों में भी भाग लिया जहां भारत ने कांस्य पदक जीते थे. इसके बाद 2016 रियो ओलंपिक भी खेला.

नमिता का भारतीय हॉकी में बहुत बड़ा योगदान: मुख्य कोच जेनेके शोपमैन

हॉकी इंडिया ने दो बार के एशियाई खेलों के पदक विजेता को खेल में उनके योगदान के लिए बधाई दी. राष्ट्रीय टीम के चीफ कोच जननेके शोपमैन ने कहा, “नमिता ने भारतीय हॉकी में बहुत बड़ा योगदान दिया है. मैदान पर सब कुछ देने के अलावा, नमिता टीम में युवाओं के लिए एक आदर्श रोल-मॉडल भी रही हैं.” उन्होंने आगे कहा कि “बहुत से खिलाड़ियों को अपनी राष्ट्रीय टीमों के लिए 168 मैच खेलने का मौका नहीं मिलता है, लेकिन नमिता को ये मौका मिला. एक महान हॉकी खिलाड़ी होने के अलावा टोप्पो उन दयालु लोगों में से एक हैं जिन्हें मैं जानता हूं. वह बहुत विचारशील हैं और वह टीम को  हमेशा पहले रखती हैं.”

Tags: Hockey India, Indian Women Hockey

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