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हिंदी दिवस पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने बुधवार को एक मामले में हिंदी में फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व में यदि कोई अपराध दर्ज नहीं है तो भी गिरोह बंद कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि अभियोग कार्यवाही के लिए जरूरी नहीं है कि कोई प्राथमिकी दर्ज हो और गिरोह की सारिणी बनी हो।
कोर्ट ने कहा भले ही डर से कोई प्राथमिकी दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा हो। अपराधी के क्रियाकलाप गिरोह की परिभाषा में आ रहे हों तो बिना किसी केस दर्ज हुए गिरोह बंद कानून के तहत अभियोग की कार्यवाही की जा सकती है।
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