Home Breaking News घंटों अटकी रहीं सांसें: बद्रीनाथ से लौटते हुए भूस्खलन के कारण फंसे 60 श्रद्धालु, चारधाम यात्रा पर गए थे सभी

घंटों अटकी रहीं सांसें: बद्रीनाथ से लौटते हुए भूस्खलन के कारण फंसे 60 श्रद्धालु, चारधाम यात्रा पर गए थे सभी

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घंटों अटकी रहीं सांसें: बद्रीनाथ से लौटते हुए भूस्खलन के कारण फंसे 60 श्रद्धालु, चारधाम यात्रा पर गए थे सभी

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चार धाम की यात्रा कर बद्रीनाथ से वापस लौट रहे हापुड़ के 60 श्रद्धालु भूस्खलन के कारण तीन घंटे रास्ते में फंसे रहे। रास्ता खुलने तक श्रद्धालुओं की सांसे अटकी रहीं। रास्ता खुलने के बाद श्रद्धालुओं की सांस में सांस आई।

नगर के 60 श्रद्धालु नौ सितंबर को तीन मिनी बसों में सवार होकर चार धाम की यात्रा के लिए निकले थे। श्रद्धालु आईआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि चारों धामों की यात्रा कर बद्रीनाथ से वापस लौटते समय देवप्रयाग-ऋषिकेश के बीच भूस्खलन हो गया। जिसके कारण मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। देखते ही देखते करीब चार से पांच किलोमीटर तक का जाम लग गया।

इस दौरान श्रद्धालु घबरा गए और भगवान का गुणगान करने लगे। श्रद्धालुओं ने डर को खत्म कर बस से उतरकर भगवान शिव का संकीर्तन करने लगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान अन्य स्थानों के श्रद्धालु संकीर्तन करने के लिए शामिल हो गए। तीन घंटे बाद बुलडोजर की मदद से मलबे को हटाया गया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। उन्होंने बताया कि उनके साथ के सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं और सभी सोमवार शाम तक वापस हापुड़ लौट जाएंगे।

विस्तार

चार धाम की यात्रा कर बद्रीनाथ से वापस लौट रहे हापुड़ के 60 श्रद्धालु भूस्खलन के कारण तीन घंटे रास्ते में फंसे रहे। रास्ता खुलने तक श्रद्धालुओं की सांसे अटकी रहीं। रास्ता खुलने के बाद श्रद्धालुओं की सांस में सांस आई।

नगर के 60 श्रद्धालु नौ सितंबर को तीन मिनी बसों में सवार होकर चार धाम की यात्रा के लिए निकले थे। श्रद्धालु आईआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि चारों धामों की यात्रा कर बद्रीनाथ से वापस लौटते समय देवप्रयाग-ऋषिकेश के बीच भूस्खलन हो गया। जिसके कारण मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। देखते ही देखते करीब चार से पांच किलोमीटर तक का जाम लग गया।

इस दौरान श्रद्धालु घबरा गए और भगवान का गुणगान करने लगे। श्रद्धालुओं ने डर को खत्म कर बस से उतरकर भगवान शिव का संकीर्तन करने लगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान अन्य स्थानों के श्रद्धालु संकीर्तन करने के लिए शामिल हो गए। तीन घंटे बाद बुलडोजर की मदद से मलबे को हटाया गया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। उन्होंने बताया कि उनके साथ के सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं और सभी सोमवार शाम तक वापस हापुड़ लौट जाएंगे।

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