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शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खरगे
– फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन हो चुके हैं। अब सीधा मुकाबला वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे, शशि थरूर और झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी के बीच है। इस चुनाव में खरगे को भले ही सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है, लेकिन शशि थरूर ने नामांकन वापसी से इनकार करके खरगे समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है।
इतना ही नहीं, शशि थरूर ने अपने प्रस्तावकों के नाम सार्वजनिक न करके भी खरगे के सामने मजबूत चुनौती पेश कर दी है। अभी तक माना जा रहा था कि खरगे को गांधी परिवार का आंतरिक समर्थन प्राप्त है और वह आसानी से इस रेस को जीत लेंगे, लेकिन नए विजन की बात करने वाले थरूर के पास भी समर्थकों की लंबी सूची है।
थरूर पर बनाया जा रहा दबाव
अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खरगे ने जहां, 14 पन्नों में प्रस्तावकों की सूची सौंपी है। वहीं थरूर ने पांच पेज में प्रस्तावकों की सूची सौंपी है। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावकों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो थरूर के कुछ प्रस्तावकों का कहना है कि उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। थरूर के प्रस्तावकों में सांसद कार्ति चिदंबरम, मोहम्मद जावेद, प्रद्युत बोरदोलोई जैसे नाम हैं।
तो खत्म हुआ G23 का खेल
वहीं अगर खरगे के नामांकन पत्र की बात करें तो उनके पास प्रस्तावकों की एक लंबी सूची है। खरगे के प्रस्तावकों में गांधी परिवार को वफादारों के अलावा कांग्रेस में बदलाव की मांग करने वाले जी23 समूह के नेताओं का भी समर्थन है। खरगे के प्रस्तावकों में जहां एके एंटनी, अंबिका सोनी, अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह जैसे नाम हैं तो वहीं जी23 के नेता मुकुल वासनिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी जैसे नेता भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि खरगे का नाम आगे करके गांधी परिवार ने बड़ी चाल चली है और जी23 नेताओं को भी उनका समर्थन करने पर मजबूर कर दिया है।
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