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सचिन पायलट, राहुल गांधी और अशोक गहलोत।
– फोटो : अमर उजाला
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Rajasthan Politics: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की चर्चा के बाद राजस्थान में शुरू हुआ सियासी घमासान अब भी जारी है। सीएम अशोक गहलोत और उनके गुट के विधायक सचिन पायलट के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। आज यानी रविवार को भी गहलोत ने पायलट और उनके गुट के विधायकों पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा- दूसरों को नेता स्वीकार करने से अच्छा विधायकों ने बगावत करना उचित समझा।
सभी जानते हैं कि कुछ नेता भाजपा विधायक के साथ बैठे थे। उस दौरान भाजपा सरकार गिराने की कोशिश कर रही थी। हमें भाजपा नेताओं के साथ बैठने वाले स्वीकार नहीं हैं। विधायकों की बगावत पर सोनिया गांधी की नाराजगी और फिर माफी मांगे के बाद भी गहलोत का यह कहना साफ संकेत दे रहा है कि आलाकमान के लिए सीएम बदलना आसान नहीं हैं। इससे एक बार फिर राहुल गांधी सचिन पायलट से किया वादा नहीं निभापाएंगे।
राहुल ने पायलट से क्या वादा किया था?
2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे। 2013 के विस चुनाव में मिली करारी के हार के बाद पायलट ने पार्टी को आगे लाने में कड़ी मेहनत की। सियासी हलकों में भी कहा जाता है कि पायलट की दम पर ही कांग्रेस 2018 में राजस्थान में सरकार बना पाई। चुनाव से पहले राहुल गांधी ने सचिन पायलट से उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन कुर्सी गहलोत के हाथ लगी। यानी अशोक गहलोत को सीएम और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दिया गया।
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