[ad_1]
ट्रैक्टर चालक शराब के नशे में धुत था। वह बेकाबू रफ्तार में ट्रैक्टर दौड़ा रहा था। मना करने पर भी नहीं माना। तभी से मन में अनहोनी का डर सता रहा था। आखिर में 26 जानें खत्म होकर ये सफर पूरा हुआ। बताया जा रहा है कि घटनास्थल से महज पांच किलोमीटर दूर मृतकों का गांव था। अगर ये पांच किलो मीटर का सफर सुरक्षित तय हो जाता तो आज ये सभी जिंदा होते।
करीब 40 लोग मुंडन संस्कार में गए थे। महिलाएं, बच्चे, किशोर व किशोरियां ट्रॉली में थे। पुरुष ट्रैक्टर पर थे। ट्रॉली में सवार चार पांच ही लोग केवल जीवित बचे बाकी सभी की मौत हो गई। इन सभी ने बताया कि जितने भी ट्रैक्टर पर बैठे थे। चालक समेत। इन सभी ने शराब पी थी। राजू ट्रैक्टर चला रहा था। मंदिर से जैसे ही वह ट्रैक्टर चला था रफ्तार बेकाबू थी।
चश्मदीदों के मुताबिक कई बार उसको टोका गया कि ट्रैक्टर की रफ्तार कम कर ले लेकिन वह नहीं माना। यहां तक कि जब नाश्ता करने के लिए रुके तो भी महिलाओं ने कहा कि इतनी तेज न चलाएं। चूंकि चालक भी नशे में धुत था इसलिए वह कुछ भी मानने को तैयार नहीं था। ट्रैक्टर को मौत बनकर दौड़ाया।
लहरा लहरा चला रहा था ट्रैक्टर
चश्मदीदों के मुताबिक राजू ट्रैक्टर को लहरा रहा था। पूरी सड़क पर ट्रैक्टर चला रहा था। एक दो बार तो ऐसा लगा कि सामने से आ रहे वाहन से टक्कर न हो जाए। वहां से बचे तो अपने आप ही ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खंती में गिर गया। हादसे के बाद राजू वहां से भाग निकला। बाद में वह सीएचसी पहुंचा लेकिन वह इधर उधर बचता रहा। उसको पता था कि हादसे की पीछे उसकी लापरवाही ही जिम्मेदार है।
अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
कुछ समय पहले लखनऊ में इसी तरह का हादसा हुआ था और अब शहर में 26 जानें चली गई हैं। पुलिस प्रशासन ने इसको बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली से चलना नियम विरुद्घ है। इसके लिखाफ अभियान चलाया जाएगा। जिससे भविष्य में इस तरह का हादसा न हो।
[ad_2]
Source link