[ad_1]

एम्स दिल्ली
– फोटो : फाइल फोटो
ख़बर सुनें
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में उपचार करवाने आ रहे मरीजों को आने वाले दिनों में ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए किसी पर भी निर्भर नहीं रहना होगा। मरीज खुद अपना पंजीकरण कर सकेगा, इसके लिए किसी की मदद लेने की जरूरत भी नहीं होगी। एम्स मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रहा है। इस कोशिश के तहत एम्स प्रशासन ने मरीजों के लिए पैपरलेस-चेक-इन सुविधा विकसित करने का फैसला लिया है। एम्स निदेशक ने अस्पताल के आईटी विभाग को रोगी के चेक-इन को कागज रहित और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के बनाने के लिए समाधान तलाशने व लागू करने का निर्देश दिया है। आदेश में सुझाव दिया गया है कि इस सुविधा को लागू करने के लिए क्यूआर कोड, स्कैनर या अन्य का विकल्प तलाशा जा सकता है।
[ad_2]
Source link